भाजपा सरकार में अफसरों को मिली है खुली लूट की छूट : जिप अध्यक्ष
गिरिडीह झारखंड टॉप-न्यूज़

भाजपा सरकार में अफसरों को मिली है खुली लूट की छूट : जिप अध्यक्ष

  • 6
    Shares

हंगामे के बीच जिप की बैठक संपन्न, 2.5 करोड़ की लागत से बनेगा नया जिप भवन

गिरिडीह। भाजपा के राज में अफसरों को खूली लूट की छूट मिली हुई है। भ्रष्टाचार के कारण कोई भी विकास कार्य नहीं हो पा रहा है। सरकार जिला परिषद जैसी महत्वपूर्ण पंचायती राज संस्था को अधिकार विहीन करके बर्बाद करने पर तुली हुई है। जिला परिषद के अध्यक्ष राकेश महतो ने सरकार पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकारी अफसर जिला परिषद की बैठक को महत्व नहीं देते। पूछने पर किसी भी सवाल का जवाब नहीं मिलता। श्री महतो ने शुक्रवार को जिप की बैठक के बाद सीधी नज़र न्यूज़ से ये बातें कही।

इसे भी पढ़ें-प्रशिक्षण के नाम पर खानापूर्ति करता है समाज कल्याण विभाग, ICDS कर्मियों का आरोप

दुकानों का किराया बढ़ाने पर जिप सदस्य ने जताया अपना विरोध

भाजपा सरकार में अफसरों को मिली है खुली लूट की छूट : जिप अध्यक्ष

आपसी नुक्ताचिनी के बीच हुई बैठक में जिप सदस्य पूनम महतो और बगोदर के मुस्ताक किसी मुद्दे पर नाराज हो गए और धरना में बैठने की बात कहकर जमीन पर बैठ गए। काफी मान-मनौव्वल के बाद उन्हें उठाया गया। दरअसल बगोदर बस स्टैण्ड की दुकानों का किराया 250 से 1000 रुपये बढ़ाने का प्रस्ताव बैठक में लाया गया। इस प्रस्ताव से बगोदर से जिप सदस्य पूनम महतो बिफर गईं और प्रतिनिधि मुस्तक के साथ जमकर विरोध किया।

बस पड़ाव के समीप बनेगा जिला परिषद का नया भवन

हो हंगामे के बीच एक बार फिर जिला परिषद की बैठक संपन्न हुई। जिप अध्यक्ष राकेश महतो के अध्यक्षता में हुई बैठक में विकास योजनाओं की कोई लकीर तो नहीं खीचीं गई, लेकिन जिप के माननीयों के लिए शहर के बस पड़ाव के समीप जिला परिषद की जमीन पर करीब 200 सौ लोगों के लिए अत्याधुनिक भवन निर्माण पर सहमति बन गई।

विभागीय अधिकारी रहे अनुपस्थित

बैठक में डुमरी विधायक जगरन्नाथ महतो के अलावे जिप उपाध्यक्ष कामेश्वर पासवान, डीडीसी मुंकुंद दास, सांसद प्रतिनिधि यदुनंदन पाठक और स्थानीय विधायक के प्रतिनिधि अनूप सिन्हा शामिल हुए। बैठक में जिले के डुमरी, बगोदर, धनवार समेत अन्य प्रखंडों में बनी दुकानों का किराया सख्ती से वसूलने का भी निर्णय लिया गया। जिससे जिला परिषद के राजस्व में वृद्धि हो सके। बैठक में जिला पर्षद के राजस्व बढ़ाने पर खास बल दिया गया। इस दौरान कुछ सदस्यों ने गांवा, तिसरी समेत अन्य इलाकों में पेयजलापूर्ति की समस्या पर चर्चा करते हुए जवाब मांगा। लेकिन बैठक में पीएचइडी के पदाधिकारी उपस्थित नहीं थे। सदस्यों ने इस पर भी नाराजगी जतायी। लिहाजा, खानापूर्ति के बीच करीब चार घंटे तक चले बैठक में नई योजनाओं पर सहमति के बजाय पुरानी योजनाओं की समीक्षा के बाद बैठक समाप्त का दिया गया।

ये थे मौजूद

बैठक में जंयती चौधरी, प्रमिला मेहरा, राजेन्द्र चौधरी, किरण देवी, लैला खातून, संगीता सिंह, आशीष कुमार, रेखा अग्रवाल, नीनू सोंथालिया समेत कई सदस्य मौजूद थे।

ख़बरों से अपडेट रहने के लिए जुड़े हमारे व्हाट्सएप ग्रुप एवं फेसबुक पेज से….