पीएम मुद्रा योजना व केसीसी की धीमी गति पर डीडीसी ने जतायी नाराजगी
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पीएम मुद्रा योजना व केसीसी की धीमी गति पर डीडीसी ने जतायी नाराजगी

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डीएलसीसी की जिला स्तरीय बैठक में बैंक अधिकारियों को मिली फटकार

गिरिडीह। समाहरणालय सभागार में सोमवार को डीएलसीसी की जिला स्तरीय बैठक उप विकास आयुक्त मुकुंद दास की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में आरबीआई प्रतिनिधि सहित एलडीएम तथा सभी बैंकों के को-आर्डिनेटर शामिल थे। जिला स्तरीय बैठक में डीडीसी दास ने कृषि लोन, एसएचजी, मुद्रा लोन, पीएम रोजगार गारंटी योजना, आरसीटी प्रशिक्षण की वार्षिक कार्ययोजना की समीक्षा की। डीडीसी ने लोन वितरण में बैंक की उदासीनता को लेकर अधिकारियों को जमकर फटकार लगायी। कहा कि कई बैंक लोन वितरण व सीडी रेसियों में फिसडडी साबित हो रही है। बैठक के बाद सीधी नजर से बातचीत में दास ने बताया कि बैंको का सीडी रेसियों जिले में 34 प्रतिशत है जबकि आईडियल औसत 60 प्रतिशत समझी जाती है।

पीएम मुद्रा योजना व केसीसी में कई बैंक फिसडडी

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डीडीसी दास ने बताया कि समीक्षा में कई बैंकों का परफामेंस पीएम मुद्रा योजना, केसीसी व सीडी रेसियों में निम्न दर्जे का रहा। उन्होंने बताया कि समीक्षा के दौरान पीएम मुद्रा योजना में डीसीसीबी बैंक व को-आपरेटिव बैंक का औसत जीरो है वहीं देना बैंक का 6 प्रतिशत, इंडियन बैंक का 1.4 प्रतिशत, विजया बैंक का 1. 5 प्रतिशत रहा है। वहीं केसीसी वितरण में एक्सिस बैंक, बंधन बैंक, देना बैंक, आईसीआईसीआई बैंक व विजया बैंक का औसत जीरो रहा है। अंतिम तिमाही में इन बैंकों ने एक भी केसीसी का वितरण नही किया है। इस मामले में सबसे बेहतर स्थिति बैंक आफ इंडिया की रही है।

बीओआई ने इस अवधि के दौरान 10, 888 लोगों के बीच 3976 लाख का वितरण किया है। दास ने जानकारी दी कि सीडी रेसियों में इंडस बैंक तथा को-आपरेटिव बैंक की सबसे खराब स्थिति रही। सीडी रेसियों में इंडस बैंक का जीरो तथा को-आपरेटिव बैंक का 1.75 प्रतिशत रहा। इस मामले में सबसे बेहतर स्थिति एचडीएफसी बैंक की रही। बैंक का औसत 123 प्रतिशत रही। डीडीसी ने बताया कि 2019-20 के लिए आरसीटी प्रशिक्षण में 1.8 करोड़ खर्च की जाएगी।

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