पुलवामा के शहीद जवानों को शब्दांजलि दे रहे हैं आबिद अंजुम

पुलवामा के शहीद जवानों को शब्दांजलि दे रहे हैं आबिद अंजुम
  •  
  •  
  •  
  •  
  • 27
  •  
  •  
    27
    Shares

नमन वतन के जां निसारों को

 

नमन वतन के जां निसारों को आबिद अंजुम नमन है वीर शहीदों को वतन के जां निसारों को, करेंगे नाकाम हम मिलकर दुश्मन के नापाक इरादों को। न्योछावर जान को कर दी वतन की शान की खातिर, चलो कुछ करते हैं हम भी उनकी शान की खातिर। बहा जो खून है उनका वो समझो कर्ज है हम पर, रखी है शान मुल्क की अपने प्राण को देकर। जरा उन माओं को देखो जिनका लाल खोया है, धुली है मांग बहनों की छीना मासूमों का साया है। शहीदों की ये कुर्बानी ना अब बेकार होने दें, अपने मुल्क में दुश्मन अब नही तैयार होने दें। करें हम अहद सब मिलकर वतन की सरपरस्ती का, करेंगे नाश हम मिलकर गद्दारों की हस्ती का‌ नमन है वीर शहीदों को घमंड भी है सपूतों पर, लगेंगे हर बरस मेले शहीदों के मजारों पर। ( आबिद अंजुम पत्रकार हैं। गिरिडीह के बेंगाबाद निवासी आबिद की कलम ख़बर लिखने के साथ साथ कभी कभी अदब की दुनिया की ओर भी मुखातिब हो जाती है।)

 

 

 

आबिद अंजुम

 

नमन है वीर शहीदों को वतन के जां निसारों को

करेंगे नाकाम हम मिलकर दुश्मन के नापाक इरादों को।

न्योछावर जान को कर दी वतन की शान की खातिर,

चलो कुछ करते हैं हम भी उनकी शान की खातिर।

बहा जो खून है उनका वो समझो कर्ज है हम पर,

रखी है शान मुल्क की अपने प्राण को देकर।

जरा उन माओं को देखो जिनका लाल खोया है,

धुली है मांग बहनों की छीना मासूमों का साया है।

शहीदों की ये कुर्बानी ना अब बेकार होने दें,

अपने मुल्क में दुश्मन अब नही तैयार होने दें।

करें हम अहद सब मिलकर वतन की सरपरस्ती का,

करेंगे नाश हम मिलकर गद्दारों की हस्ती का‌

नमन है वीर शहीदों को घमंड भी है सपूतों पर,

लगेंगे हर बरस मेले शहीदों के मजारों पर।

 

(परिचय- आबिद अंजुम पत्रकार हैं। गिरिडीह के बेंगाबाद निवासी आबिद की कलम ख़बर लिखने के साथ साथ कभी कभी अदब की दुनिया की ओर भी मुखातिब हो जाती है।)