कोडरमा में भाजपा को हराने का माद्दा सिर्फ माले में : राजकुमार यादव

कोडरमा में भाजपा को हराने का माद्दा सिर्फ माले में : राजकुमार यादव
  •  
  •  
  •  
  •  
  • 27
  •  
  •  
    27
    Shares

भाकपा माले विधायक ने महागठबंधन को बताया अवसरवादी

गिरिडीह। भाजपा सरकार में संस्थाओं पर हमला बढ़ा है, चाहे वह सीबीआई का मामला हो या अन्य किसी तरह का मामला हो सरकार इसमें अपनी दखलंदाजी कर रही है। ऐसे में जब संस्थान स्वतंत्र नही रहेंगे तो न ही निष्पक्ष काम हो पायेगा और ना ही संविधान और लोकतंत्र सुरक्षित रह पाएगा।

उक्त बातें भाकपा माले विधायक राजकुमार यादव ने सोमवार को नया परिसदन भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में कही। इस दौरान उन्होंने केन्द्र व राज्य की भाजपा सरकार के साथ ही भावी लोकसभा चुनाव को देखते हुए बनाये गये  महागठबंधन पर जमकर हमला बोला।

भाजपा के राज में लोगों की धार्मिक भावनाओं को किया जा रहा है आहत

कहा कि भाजपा के राज में जमुआ के गौरे गांव में नौ महीने से अजान को प्रशासन द्वारा प्रतिबंधित कर दिया गया है। जबकि पहले सामन्य रूप से अजान हुआ करती थी। मस्जिद में प्रशासन द्वारा नमाज को बंद कराया जाना किसी भी समुदाय की धार्मिक आजादी पर हमला है। कहा कि हमारे देश में सभी धर्मों का सम्मान किया जाता है। लोगो को पूजा करने, नमाज पढ़ने व इबादत करने की पूरी आजादी है, लेकिन गिरिडीह जिले में पहली बार ऐसा हुआ है कि किसी गांव में किसी धर्म विशेष के लोगों के दबाव में आकर अजान पर प्रतिबंध प्रशासन द्वारा लगाया गया है। कहा कि लोगों को सुरक्षा देने की जिम्मेवारी प्रशासन की है, बावजूद इसके अजान से तनाव बढ़ेगा कहकर अजान को बंद करा दिया गया है।

बाबूलाल मरांडी हैं भाजपा की बी टीम

इस दौरान उन्होंने महागठबंधन पर हमला करते हुए कहा कि वर्तमान में जो महागठबंधन तैयार हुआ है, वह सिर्फ एक अवसरवादी गठबंधन है। जमीनी हकीकत पर ये गठबंधन नहीं है। दिल्ली में बैठकर यह गठबंधन बनाई गई है। बाबूलाल कहते हैं कि गोड्डा में मैंने संघर्ष किया है, इसलिए गोड्डा सीट मुझे मिलनी चाहिए। इस आधार पर देखा जाए तो माले ने भी कोडरमा में बहुत संघर्ष की है और यहां माले का सबसे मजबूत दावा है। 2009 और 2014 में भाजपा के खिलाफ माले ने यहां लगातार संघर्ष की है, जबकि भाजपा को जिताने के लिए बाबूलाल मरांडी 2014 में सिटिंग एमपी रहते हुए कोडरमा छोड़कर दुमका चले गए थे।

कहा कि हमेशा चुनाव के दौरान बाबूलाल मरांडी की कार्यशैली भाजपा की बी टीम के समान हो जाती है। इस बार भी वे कोडरमा की जनता को धोखा देने के लिये सामने आ गये हैं। कहा कि भाकपा माले बीजेपी को हराने के लिए कोडरमा सीट पर हर हाल में चुनाव लड़ेगी और जीतेगी

महागठबंधन में सीटों का बंटवारा सही नहीं

प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि ये जो गठबंधन बना हैं, उसमें कांग्रेस को पूरे झारखण्ड में सिर्फ 12 प्रतिशत वोट मिला है और 12 प्रतिशत वोट लाने वाली पार्टी 7 सीटों पर दावेदारी कर रही है। वहीं सात प्रतिशत वोट लाने वाली पार्टी को 2 सीट और 17 प्रतिशत वोट लाने वाली पार्टी को 4 सीट मिली है।

वाम दलों को नजरंदाज किया गया

बताया कि लेफ्ट को कमतर आंका जा रहा है। शाम दलों ने पिछले चुनाव में 4 प्रतिशत से अधिक वोट लाया है। कोडरमा में पौने तीन लाख, धनबाद में डेढ़ लाख, साहेबगंज में 76 हजार हजारीबाग और पलामू में एक-एक लाख से ऊपर वोट लाने के बावजूद भी लेफ्ट को महागठबंधन से बाहर रखा गया है। कहा कि लेफ्ट पार्टी लगातार किसान, मजदूर, गरीब, अकीलियत, दलित, आदिवासी को लेकर जमीन पर संघर्ष करती रही है। चाहे वह राशन व किरासन का मामला हो या भूमि अधिग्रहण का मामला हो या फिर केंद्र और राज्य की नीतियों के खिलाफ संघर्ष करने की बात हो, हमेशा माले सक्रिय रही है। ऐसे में लेफ्ट को महागठबंधन से सिर्फ अपनी सत्ता प्राप्त करने के लिए बाहर रखा गया है, क्योंकि लेफ्ट ईमानदारी से जनता के मुद्दों को उठाता है।

ख़बरों से अपडेट रहने के लिए जुड़े हमारे व्हाट्सएप ग्रुप एवं फेसबुक पेज से….