अजान बंद करने के विरोध में ग्रामीणों का धरना, डीसी ने दिया आश्वासन

अजान बंद करने के विरोध में ग्रामीणों का धरना, डीसी ने दिया आश्वासन
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जमुआ प्रखंड के गोरो गांव में नौ माह से बंद है अजान- अंजुमन

गिरिडीह। जमुआ प्रखंड के गोरो गांव के ग्रामीणों ने सोमवार को अजान बंद करने के विरोध में समाहरणालय परिसर में धरना दिया। डीसी से अंजुमन कमेटी की वार्ता के बाद चंद घंटों में धरना समाप्त कर दिया गया। धरना की शुरुआत के तत्काल बाद डीसी राजेश कुमार पाठक ने कमेटी को बुलावा भेजा। अंजुमन कमेटी के सदर मुस्लिम अंसारी की अगुआयी में गए शिष्टमंडल को पाठक ने आश्वस्त किया कि एक सप्ताह में गांव में अजान की शुरुआत कर दी जाएगी। पर ग्रामीण प्रशासन को आगाह कर गए है कि एक सप्ताह में मामले का हल नहीं निकाला गया तो पुनः धरना दिया जाएगा। वार्ता के बावजूद स्थल पर आए राष्ट्रीय बचत पदाधिकारी जुनैद अहमद को धरणार्थियों को उठाने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। धरना पर बैठी ग्रामीण महिला रूखसाना बीबी समस्या का तत्काल निराकरण की मांग को लेकर स्थल पर डटी रहीं। रूखसाना को स्थल से उठाने में अहमद को काफी मान-मनौब्बल करनी पड़ी।

अजान बंद करने के विरोध में ग्रामीणों का धरना, डीसी ने दिया आश्वासन

क्या है मामला

अंजुमन कमेटी के सदर मुस्लिम अंसारी ने बताया कि रमजान के पाक माह में 21 मई 2018 की रात करीब एक बजे लाउडस्पीकर से दे रहे अजान को बंद करा दिया गया। कहा कि प्रशासन ने लाउडस्पीकर बंद कराया तो अजान बंद कर दी गई। तब से गांव की मस्जिद में अजान बंद है। अंसारी ने कहा कि विगत बीस सालों से गांव की मस्जिद में अजान दिया जा रहा है, पर कभी ऐसी नौबत नहीं आयी। कहा कि गांव के एक खास जाति के विरोध के बाद प्रशासन ने नादिरशाही फरमान जारी कर दिया। उन्होंने बताया कि विगत नौ माह से खोरीमहुआ एसडीओ कोर्ट में मामला चल रहा है, पर अब तक इसका कोई हल नहीं निकाला गया। धरना में महिलाओं के अलावा बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल थे।

प्रशासन कर रहा है टालमटोल

अंसारी ने कहा कि विगत नौ माह से प्रशासन टालमटोल कर रहा है। घर छोड़ कर बड़ी संख्या में धरना दे रही महिलाओं ने कहा कि कई माह से केवल आश्वासन दिया जा रहा है। अंसारी ने कहा कि जनवरी के पहले सप्ताह में जमुआ प्रखंड के बीडीओ व खोरीमहुआ के एसडीओ ने मकर संक्रांति के बाद समस्या का हल निकालने का आश्वासन दिया, बावजूद इस दिशा में कोई पहल नहीं की गई। मजबूरन ग्रामीणों को धरना के लिए बाध्य होना पड़ा। विदित हो कि गोरो गांव में 60 मुस्लिम परिवार हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद ग्रामीणों में रोष है। कहा गया कि 10 फरवरी तक लाउडस्पीकर से अजान देने की स्वीकृति नहीं मिली तो अगली बार पूरा गांव समाहरणालय में आकर बैठेगा।

धरना कार्यक्रम में सदर के अलावा धनी मियां, गफूर मियां, जाकिर अंसारी, करीम मियां, खलील मियां, साजदा बीबी, फातमा खातून सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल थे।

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