क्या गिरिडीह और कोडरमा लोस सीट पर बदले जाएंगे भाजपा के सिटिंग उम्मीदवार

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गिरिडीह सीट में एक अनार कई बीमार की कहानी, रवीन्द्र पांडेय के साथ शिवशक्ति बक्सी के नामों की चर्चा

क्या प्रणव वर्मा के लिए कोडरमा सीट छोड़ेंगे सांसद रवीन्द्र राय

मनोज कुमार पिंटू

गिरिडीह। चुनाव आयोग द्वारा लोस चुनाव की घोषणा फरवरी के अंतिम सप्ताह से लेकर मार्च के पहले सप्ताह में होने के कयास लगाए जा रहे हैं। लिहाजा, भाजपा की चुनावी तैयारी भी अब जोर पकड़ चुकी है। इसकी झलक बीते दिनों गिरिडीह के पचंबा स्थित तैतरिया मैदान में नजर आयी। जहां भाजपा के तीन लोस क्षेत्र के युवा शक्ति प्रमुख कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया था। जिसमें गिरिडीह, धनबाद और कोडरमा के 8 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं ने शिरकत की थी। लेकिन सम्मेलन में चुनाव को लेकर अपने दोनों सीएम समेत प्रदेश स्तर के नेताओं से जिस उत्साह और जोश की उम्मीद तीनों लोस क्षेत्र के कार्यकर्ता लगा रखे थे।

वह सम्मेलन में देखने को नहीं मिली। क्योंकि कार्यकर्ताओं ने उम्मीद लगा रखी थी, कि सम्मेलन से तीनों लोस सीट पर भाजपा के झंडे लहराने का चुनावी टिप्स मिलेगा। लेकिन सम्मेलन में ऐसा कुछ हुआ नहीं। सूबे के सीएम समेत उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंन्द्र सिंह रावत का भाषण भी कार्यकर्ताओं में कोई खास कमाल नहीं दिखा पाया। लेकिन चार सालों में शासन के दौरान की गई सख्ती का जिक्र और वजह बताकर सूबे के सीएम दास ने नाराज कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने का हरसंभव प्रयास किया। लेकिन सीएम रघुवर दास का कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने का यह फार्मूला कितना असरदार साबित होगा, यह तो तीनों लोस सीट के चुनावी परिणाम ही पता चल पाएगा।

गिरिडीह सीट पर हैं कई दावेदार, सांसद रवीन्द्र पांडेय की राह मुश्किल

क्या गिरिडीह और कोडरमा लोस सीट पर बदले जाएंगे भाजपा के सिटिंग उम्मीदवार

वैसे चुनाव को लेकर कोडरमा और गिरिडीह लोस क्षेत्र के लिए भाजपा का बिसात बिछना शुरु हो चुका है। जिसमें एक साथ कई खिलाड़ियों के नाम सामने आ रहे हैं।

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गिरिडीह सीट के लिए पहले स्थान पर 5 बार भाजपा के टिकट पर गिरिडीह लोस से प्रतिनिधित्व कर चुके रवीन्द्र पांडेय का है तो दूसरे स्थान पर पार्टी का युवा चेहरा और भाजपा के मुखपत्र कमल संदेश के कार्यकारी संपादक शिवशक्ति बक्सी व तीसरा नाम गिरिडीह के जिला प्रभारी सुनील साहु का भी नाम सामने आ रहा है। वहीं बाघमारा विधायक ढुल्लु महतो ने गिरिडीह संसदीय क्षेत्र में ताबड़तोड़ कई कार्यक्रम में शामिल होकर और गिरिडीह सांसद के खिलाफ बयानबाजीकर अपनी चर्चा को जबरदस्त तरीके से हवा दी थी।

वर्तमान सांसद के खिलाफ पार्टी में ही बगावत

गिरिडीह लोस सीट से 5 बार प्रतिनिधित्व कर चुके वर्तमान सांसद पांडेय के नाम अपने संसदीय क्षेत्र के विकास के नाम कोई खास उपलब्धि दर्ज है, यह भी नहीं कहा जा सकता। लिहाजा, कार्यकर्ताओं में इसी बात को लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि चुनाव में वोटरों के बीच वे किस मुंह से सांसद रवीन्द्र पांडेय के समर्थन में वोट मांगने जाएंगे। जबकि केन्द्र व राज्य में भाजपा की ही सरकार थी। सांसद पांडेय के कार्यकाल से भाजपा के वोटर तो दूर पार्टी के कार्यकर्ता भी वाकिफ और नाराज हंै। कार्यकर्ताओं को भी पता है कि बगैर मोदी लहर के 2014 में भी चुनाव जीतना सांसद पांडेय के लिए संभव नहीं था।

भाजपा कार्यकर्ता चाहते हैं अपनी पसंद का उम्मीदवार

वैसे कार्यकर्ताओं में नाराजगी इस बात की भी है कि चुनाव चाहें जो भी हो। पार्टी अपने मनमर्जी के अनुसार प्रत्याशी उतार देती है। जिसका खामियाजा भी कार्यकर्ताओं को मजबूरीवश वोटरों के बीच वोट मांगकर उठाना पड़ता है। कार्यकर्ताओं की नाराजगी बीते कुछ कार्यक्रम के दौरान नजर भी आ चुकी है। जब पिछले दिनों पचंबा के बगेड़िया धर्मशाल में भाजपा के ही खास समर्थकों ने कमल संदेश के कार्यकारी संपादक बक्सी के पक्ष में कार्यक्रम आयोजित कर पार्टी से बक्सी के लिए खुले मंच से टिकट की मांग कर चुके थे। लिहाजा, नाराज कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि संभवत इस बार पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं का ध्यान रखेगी।

क्या है रवीन्द्र राय का कोडरमा गेम प्लान

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कोडरमा लोस सीट के लिए सांसद डा रवीन्द्र कुमार राय के अलावे किसी और का खुलकर तो सामने नहीं आया है। लेकिन कई नाम हवा में जरूर तैर रहे हैं। इनमें झाविमो से भाजपा में आए प्रणव वर्मा और भाजपा की महिला नेत्री शालिनी गुप्ता और के नाम शामिल हैं। हल्की चर्चा पूर्व आइजी लक्ष्मण सिंह की भी है। हालांकि खुद शालिनी गुप्ता ने अभी तक कोडरमा सीट के लिए टिकट का जिक्र नहीं किया है। लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि कोडरमा में ओबीसी वोटरों की संख्या काफी अधिक है। लिहाजा, ओबीसी वोटरों के आबादी के लिहाज से पार्टी 2019 के चुनाव में किसी पिछड़ी जाति के चेहरे को मौका दे सकती है।

इधर प्रणव वर्मा के कार्यकर्ता तो सोशल मीडिया में पहले से ही कोडरमा के भावी सांसद के रूप में उन्हें पेश कर रहे हैं। वैसे अंदरखाने की खबर भी यही है कि प्रणव कोडरमा सीट की टिकट मिलने के आश्वासन पर ही भाजपा में शामिल हुए हैं। वैसे यह भी खबर तैर रही है कि खुद सांसद रवीन्द्र राय ने कोडरमा सीट का प्लान तैयार किया है। इसके तहत वह लोकसभा चुनाव न लड़कर राजधनवार से विधानसभा चुनाव लडेंगे। खबर है कि रवींद्र राय फिर से राज्य की राजनीति में सक्रिय होकर कमान संभालने की इच्छा रखते हैं। अब पूरा सच क्या है यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

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