शेल्टर होम का मामला दिल्ली ट्रांसफर, सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को लगाई फटकार

शेल्टर होम का मामला दिल्ली ट्रांसफर, सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को लगाई फटकार
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पटना। हाल के दिनों में बिहार के चर्चित शेल्टर होम मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि सरकार इस मामले को लटका रही है। सरकार की कार्यशैली से नाराज सुप्रीम कोर्ट ने शेल्टर होम से जुड़े सभी मुकदमों को दिल्ली के साकेत कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया है। इस क्रम में सुप्रीम कोर्ट ने शेल्टर होम की देखभाल को लेकर बिहार सरकार की आलोचना करते हुये कहा कि बस बहुत हो गया, बच्चों के साथ ऐसा बर्ताव सहन नहीं किया जा सकता।

क्या है पूरा मामला

विदित है कि बीते दिनों टाटा इंस्टीच्यूट ऑफ सोशल साइंस (टिस) की सोशल ऑडिट रिपोर्ट से बिहार के विभिन्न शेल्टर होम में लड़कियों व बच्चों की प्रताड़ना तथा यौन उत्पीड़न के मामले प्रकाश में आए थे। मामले ने तूल पकड़ा तो तत्कालीन समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा को इस्तीफा देना पड़ा। मामले के सूत्रधार व मुजफ्फरपुर शेल्टर होम के संचालक ब्रजेश ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया गया। बिहार में रहने पर मामले के अनुसंधान को प्रभावित करने की आशंका के कारण ब्रजेश को राज्य से बाहर पंजाब के जेल में भेज दिया गया है। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने शेल्टर होम के मामलों के ट्रायल को भी बिहार से बाहर ट्रांसफर कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने घटना को बताया दुर्भाग्यपूर्ण

शेल्टर होम का मामला दिल्ली ट्रांसफर, सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को लगाई फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने शेल्टर होम मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि छात्राओं के साथ जो हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसे गंभीर मामले में सरकार अहम सवालों के जवाब नहीं दे पा रही है। कहा कि बिहार सरकार के वकील द्वारा प्रस्तुत स्टेटस रिपोर्ट में असंतोषजनक जानकारियां उपलब्ध करवाने पर चीफ जस्टीस रंजन गोगोई ने नाराजगी जताई। इस दौरान कोर्ट ने बिहार सरकार के वकील से बिहार के शेल्टर होम्स व उनमें रहने वाले बच्चों की संख्या व  शेल्टर होम्स को दिए जाने वाले फंड और उसके खर्चे से जुडी जानकारी भी मांगी। लेकिन बिहार सरकार के वकील संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इससे चीफ जस्टिस नाराज हो गए और उन्होंने बिहार सरकार को जमकर फटकार लगाई।

मुख्य सचिव व डीजीपी किए जा सकते तलब

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले को लटका रही है। कोर्ट ने बिहार सरकार के वकील को दो बजे सभी जानकारियों के साथ हाजिर होने को कहा है। यदि सूचनाएं मुहैया नहीं कराई गईं तो कोर्ट बिहार के मुख्य सचिव व डीजीपी को तलब कर सकती है।

सुप्रीम कोर्ट ने छह माह में निष्पादन का दिया निर्देश

शेल्टर होम मामले के अनुसंधान को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुये  सभी मामलों को दिल्ली के साकेत कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने छह महीने के भीतर उनके निष्पादन का निर्देश भी दिया। सुप्रीम कोर्ट ने मुजफ्फरपुर सहित बिहार के अन्य 10 शेल्टर होम में यौन उत्पीड़न मामलों से जुड़े दस्तावेजों को दो सप्ताह के भीतर सीबीआई अदालत से साकेत निचली अदालत में स्थानांतरित करने का भी आदेश दिया।

सीबीआई को भी लगाई फटकार

शेल्टर होम मामले की जांच कर रहे सीबीआई की कार्य प्रणाली से नाराज सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को भी फटकार लगाई। सुप्रीम कोर्ट ने मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले की जांच कर रहे अधिकारी का तबादला करने को लेकर सीबीआई से भी जवाब मांगा है।

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