डाक्टरों ने दो घंटे किया कार्य बहिष्कार, मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने की मांग

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आइएमए के आह्वान पर जिले और राज्य के डाक्टर कर रहे हैं आंदोलन

गिरिडीह। सूबे में मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग को लेकर आंदोलनरत सरकारी व गैर सरकारी चिकित्सकों ने बुधवार को दो घंटे आउटडोर सेवा बंद रखी। हालांकि आपातकालीन सेवा चालू रही। दो घंटे आउटडोर सेवा के बंद रहने से मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी शहर के सदर अस्पताल में देखने को मिली। जहां आउटडोर सेवा के ठप रहने के कारण मरीज परेशान नजर आये। यहीं स्थिति शहर के निजी नर्सिंग होम में भी देखने को मिला। करीब दर्जन भर नर्सिंग होम में आउटडोर सेवा को अगले दो घंटे के लिए पूरी तरह से ठप रखा गया था।

काला बिल्ला लगाकर मरीजों का इलाज कर रहे थे चिकित्सक

डाक्टरों ने दो घंटे किया कार्य बहिष्कार, मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने की मांग

इधर आईएमए के आहृवान पर ही आइएमए गिरिडीह के अध्यक्ष डॉ विद्या भूषण और महिला विंग की अध्यक्ष डॉ अमिता रॉय के अलावे डॉ इंदिरा सिंह, डॉ विकास लाल, डॉ आरती, डॉ संदीप कुमार, डॉ दीपक बगेड़िया, डॉ एसके डोकानिया, डॉ मो0 आजाद, डॉ किरण कौशल, नेत्र चिकित्सक डॉ दीपक कुमार, डॉ शीला वर्मा, डॉ नूतन लाल, डॉ राजेश कुमार, डॉ अमित गौंड, डॉ मीता साव, डॉ टीएन देव, डॉ रियाज अहमद समेत शहर के दर्जन भर से अधिक चिकित्सक काला बिल्ला लगाकर आपातकालीन सेवा में मरीजों का इलाज करते दिखे। आंदोलन को झारखंड स्टेट हेल्थ सर्विस का भी समर्थन रहा।

दूसरे राज्यों में लागू है मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट

महिला विंग की अध्यक्ष डॉ अमिता राय ने बताया कि मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट देश के कई राज्यों में लागू कर दिया गया है। सिर्फ झारखंड में ही इस एक्ट को अब तक लागू नहीं किया गया है। ऐसे में राज्य के चिकित्सक अब भय के माहौल में मरीजों का इलाज कर रहे हैं। क्योंकि हर छोटी मोटी बीमारियों में मरीजों की मौत के बाद परिजनों का आक्रोश नर्सिंग होम और चिकित्सकों पर ही टूटता है। ऐसे में इस एक्ट के लागू होने से चिकित्सक बेखौफ हो कर मरीजों का इलाज कर सकेंगे।

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