देवरी जमीन घोटाले में 9 आरोपियों में दो गिरफ्तार, बाकी फरार

देवरी के पूर्व सीओ दिलीप महथा देवघर से गिरफ्तार, जालसाजी के आरोप में गए जेल
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अधिकारी और कारोबारियों ने मिलकर किया फर्जीवाड़ा

गिरिडीह।  देवरी थाना कांड संख्या 59/09 के 9 साल पुराने जमीन घोटाले के आरोपी देवरी के पूर्व सीओ दिलीप महत्था को आखिरकार गिरिडीह पुलिस ने धर दबोचा। देवघर नगर थाना क्षेत्र के चिरैयाघाट स्थित उसके घर से गिरफ्तार करने में देवरी थाना प्रभारी उत्तम उपाध्याय सफल रहे। जानकारी के अनुसार थाना प्रभारी को मिली गुप्त सूचना के बाद वह पुलिस जवानों के साथ देवघर के चिरैयाघाट स्थित उसके घर पहुंचे और घर से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान देवरी पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि फिलहाल आरोपी सीओ देवघर में एक हत्या के मामले के कारण सरकारी नौकरी से बरर्खास्त हो चुके है। वैसे थाना कांड संख्या 59/09 के मामले में ही देवरी पुलिस ने देवरी के पूर्व हल्का कर्मचारी सह गांडेय के महादेवडीह निवासी मंशा सोरेन को एक दिन पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

फर्जी कागजात तैयार कर की गई जमीन की रजिस्ट्री

जानकारी के अनुसार देवरी अंचल के बैरिया मौजा में 138 एकड़ जमीन की फर्जी कागजात तैयार कर निजी कंपनी को रजिस्ट्री कर दिया गया था। जिसमें कुछ प्लाॅट बेरिया गांव निवासी बलबीर तूरी का भी बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि बलबीर तूरी का प्लाॅट समेत 138 एकड़ जीएम लैंड का जाली ट्रांसफर दस्तावेज तैयार कर रांची की निजी कंपनी मेसर्स जेएसए पाॅवर लिमिटेड को बेेचने क्रम में पूर्व सीओ महत्था और सरकारी कर्मी समेत 16 जमीन कारोबारियों ने गड़बड़ी की थी।

केस दर्ज होने के बाद देवरी पुलिस जहां जांच में जुट गई थी। वहीं नौ साल पहले हुए घोटाले के अनुसंधान के दौरान देवरी के रजिस्टर-टू को खंगालने के बाद पूरे जमीन घोटाले का पर्दाफाश हुआ। जिसमें देवरी पुलिस को यह जानकारी मिली कि सिर्फ रैयतदार बलबीर तूरी का प्लाॅट ही नहीं, बल्कि 138 एकड प्लाॅट का फर्जी ट्रांसर्फर पेपर तैयार कर जेएसए पाॅवर लिमिटेड को बेच दिया गया है। इसमें जितना प्लाॅट बलबीर तूरी को जिला प्रशासन ने बंदोबस्त किया था। उस प्लाॅट की जमाबंदी ने भी पूर्व सीओ रद्द कर दिया था।

कई जमीन माफियाओं ने मिलकर किया घोटाला

पूरे मामले का खुलासा होने के बाद बलबीर तूरी के आवेदन पर कंपनी के प्रोपराईटर सह रांची के अशोक नगर निवासी नागेश्वर चौधरी, धनबाद जिला के सुदामडीह थाना क्षेत्र के सुदामडीह गांव निवासी मिराज आलम, जमुआ थाना क्षेत्र के बेहराबाद निवासी राजेश हाजरा, धनबाद जिला के गोविन्दपुर थाना क्षेत्र के अमलाटांड निवासी कुनन शेख, धनबाद थाना क्षेत्र के रंगाटांड रेलवे कलोनी के मनोज कुमार यादव, गिरिडीह नगर थाना क्षेत्र के बड़ा चौक लक्ष्मी मुहल्ला के नवीन चौरसिया,

बुढ़ियाखाद निवासी समसुल आलम, देवरी के तत्कालीन अंचलाधिकारी दिलीप महथा, राजस्व कर्मचारी मनसा सोरेन, तिसरी थाना क्षेत्र के पहाड़पुर निवासी शिव कुमार सिंह, देवरी थाना क्षेत्र के सिकरुडीह गांव के गेंदालाल सिंह, महराज सिंह, रामप्रसाद सिंह, शान्ति देवी, रंजीत सिंह, बैरिया गांव के लालबिहारी यादव व धनेश्वर मण्डल  के खिलाफ फर्जी कागजात तैयार करवाकर बैरिया मौजा के रैयतों की जमीन को निजी कंपनी को बेच देने का आरोप लगाकर केस दर्ज किया गया था। नौ साल पहले हुए केस दर्ज के बाद देवरी पुलिस ने अब तक नौ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट को सौंप दिया है।अब पुलिस उन फरार आरोपियों को दबोचने में जुट गई है।

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