सीओ ने सीआई व बड़ा बाबू से 24 घंटे में मांगा स्पष्टीकरण, जारी पत्र का हुआ खुलासा

सीओ ने सीआई व बड़ा बाबू से 24 घंटे में मांगा स्पष्टीकरण, पत्र जारी का हुआ खुलासा
  •  
  • 14
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
    14
    Shares

बुधवार को थाना प्रभारी को अंचल कार्यालय से पत्र भेजकर निर्माण कार्य रूकवाने का दिया था निर्देश

बिरनी(गिरिडीह)। बिरनी अंचल कार्यालय से बुधवार को फर्जी दस्तखत कर सिमराढाब में भूमि पर हो रहे कार्य को रूकवाने का पत्र जारी करने के मामले में सीआई अलीबक्स मियां व प्रधान सहायक अनुप कुमार चैहान को बीडीओ सह सीओ संदीप मदहेसिया ने स्पष्टीकरण मांगा है। इस संबंध में उन्होंने बताया कि दोनों से 24 घण्टे के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब नहीं देने पर उक्त दोनों के खिलाफ उपायुक्त, उपविकास आयुक्त व एसडीओ को पत्र भेजकर अवगत कराया जायेगा। कहा कि यह बहुत बड़ी गलती है। सीओ के रहते हुये अधिनस्त कर्मी सीओ फॉर कर दस्तखत कर थाना को पत्र भेजकर कार्य बन्द कराने का आदेश दे देना बहुत ही बड़ा अपराध है। जारी पत्र में बिरनी सीआई अलीबक्स मियां व प्रधान सहायक का दस्तखत कर पत्र को थाना भेजा गया था। जिसका खुलासा स्वयं सीओ ने किया है।

सीआई ने थाना से पत्र लिया वापस

मामला तूल पकड़ते ही सीआई ने थाना को भेजे पत्र को बुधवार देर शाम को थाना प्रभारी को बिना जानकारी दिए गलत कह कर थानाकर्मी से वापस ले लिया है। हालांकि जब इस बात की जानकारी थाना प्रभारी को हुई तो उन्होंने थानाकर्मी को कड़ी फटकार लगाई। इस संबंध में थाना प्रभारी ने कहा कि जो पत्र वापस लिया और जिसपर रिसीव कराया था, उस पत्र पर उन लोगांे ने वाइटनर लगा दिया है। लेकिन एक हाड़ कॉपी थाना में है। कहा कि इस तरह की हरकत एक संगीन अपराध है। ऐसे फर्जी करने वाले कर्मी पर विधिवत् रूप से कड़ी कार्रवाई होने की आवश्यकता है।

थाना प्रभारी की तत्परता से हुआ मामले का खुलासा

थाना प्रभारी एके मिश्रा की तत्परता से इस मामले का खुलासा हुआ था। थाना प्रभारी श्री मिश्रा ने बताया कि सीओ साहब को कुछ जानकारी नहीं थी। बताया कि सिमराढाब में ब्रह्मसिया के गिरीश राय व प्रदीप राय के बीच   वर्षो से जमीन विवाद का मामला हाई कोर्ट में चल रहा था। हालांकि कोर्ट के द्वारा प्रदीप राय के पक्ष में फैसला सुनाया गया था और कोर्ट के आदेश से ही प्रदीप राय ने अपने जमीन पर मकान बनाने का कार्य शुरू किया है। गिरीश राय के तरफ से उसे कार्य रोकने के लिए सीओ को आवेदन दिया गया था। जिसपर सीओ ने साफ कहा था कि हाई कोर्ट के आदेश पर किसी तरह का रोक लगाने का पाॅवर सीओ के पास नहीं होता है। बुधवार को सीओ संदीप मध्येसिया बगोदर में मजिस्टेªट नियुक्त थे। इसी बीच उनके कार्यालय में नही रहने का फायदा उठाकर सीआई व प्रधान सहायक ने सीओ को बिना जानकारी दिये ही निर्माण कार्य को बन्द कराने के लिए थाना के नाम पर एक फर्जी पत्र जारी किया गया। कार्य बन्द नही होने पर गिरीश राय के तरफ से कुछ लोग थाना पहुंचकर थाना प्रभारी को सीओ कार्यालय का पत्र दिखाकर कार्य पर रोक लगाने की मांग करने लगे थे। लेकिन थाना प्रभारी ने पत्र पर शंका व्यक्त करते हुए सीओ को पत्र का काॅपी वाट्सप कर दिया। जिससे पूरे मामले का खुलाशा हो गया।

ख़बरों से अपडेट रहने के लिए जुड़े हमारे व्हाट्सएप ग्रुप एवं फेसबुकपेज से….