गिरिडीह झारखंड

बिहार के एक रेलवे स्टेशन से लूटा गया था हार्डकोर दारोगी से बरामद एसएलआर

  • 15
    Shares

इलाके के मुखिया पर हमले की योजना बनाकर भेलवाघाटी के गांव पहुंचा था दारोगी

रिपोर्ट – मनोज कुमार पिंटू

गिरिडीह। नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के जोनल कमेटी के सेक्शन सदस्य सह गिरिडीह-जमुई के हार्डकोर माओवादी दारोगी यादव की गिरफ्तारी और उसके पास से बरामद एसएलआर राईफल व जिंदा कारतूस मामले में भेलवाघाटी थाना पुलिस ने कांड संख्या 3/19 के तहत केस दर्ज कर लिया है। वहीं गिरिडीह पुलिस ने दारोगी यादव के पास जो एसएलआर राईफल बरामद किया है, वह माओवादी संगठन द्वारा बिहार के लखीसराय के एक रेलवे स्टेशन से लूटी गई थी। हालांकि इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। लेकिन दारोगी से गिरिडीह पुलिस द्वारा पूछताछ में यह निकलकर सामने आया है कि उसके पास जो एसएलआर था, वह बिहार के किसी जिलें से लूटा गया है। पूछताछ में दारोगी ने पुलिस को जो बातें बताई है उसमें यह बात सामने आई हैं कि लखीसराय के एक स्टेशन से राईफल को लूटने के बाद संगठन ने सिद्धु कोड़ा के कहने पर दारोगी यादव को यह राईफल मुहैया कराया था।

मुखिया की हत्या करने पहुंचा था गांव

सूत्रों की मानें तो गिरिडीह-जमुई से गिरफ्तार हार्डकोर माओवादी शनिवार को इलाके के एक मुखिया पर हमले की योजना बनाकर बरमोरिया के जंगल से साथियों के साथ निकला था। शनिवार की सुबह ही दारोगी को जानकारी मिली की इलाके के मुखिया ग्रामीणों के बीच कंबल वितरण करेंगे। लिहाजा, दारोगी अपने साथियों के साथ उसी जगह पर पहुंचा। जहां मुखिया कंबल वितरण कर रहा था। सूत्रों की मानें तो इसी क्रम में दारोगी द्वारा मुखिया पर हमले करने की योजना की जानकारी भेलवाघाटी पुलिस को भी मिल चुकी थी। इसके बाद भेलवाघाटी पुलिस ने तुंरत इसकी जानकारी इलाके के मुखिया को दी। मुखिया भी कुछ ग्रामीणों के बीच कंबल वितरण कर कार्यक्रम स्थल से निकलने के प्रयास में थें, कि दारोगी यादव अपने साथियों के साथ कार्यक्रम स्थल पर आ धमका। इस बीच ग्रामीणों ने दारोगी को देखते ही मुखिया को गांव के एक घर में छिपा दिया।

गुप्त सूचना पर पुलिस व सीआरपीएफ ने दारोगी को दबोचा

इधर दारोगी के मूवमेंट की गुप्त सूचना गिरिडीह एसपी सुरेन्द्र झा को मिलने के बाद एसपी झा के निर्देश पर भेलवाघाटी पुलिस के साथ सीआरपीएफ कमांडेट अनिल भारद्वाज और एएसपी दीपक कुमार व देवरी थाना प्रभारी उत्तम उपाध्याय के साथ सीआरपीएफ व जिला पुलिस बल के जवान भी भेलवाघाटी के उस गांव के समीप पहुंच गए। जहां दारोगी यादव अपने साथियों के साथ मौजूद था। लेकिन दारोगी को दबोचने में सफलता पुलिस व सीआरपीएफ अधिकारियों की टीम को भेलवाघाटी के पहाडपुर गांव में मिली।

जेबी दस्ते का सदस्य था दारोगी

सूत्रों की मानें तो दारोगी यादव जिस जोनल कमेटी का सेक्शन सदस्य था। वह जेबी जोन कहलाता था। जेबी जोन को सबसे खूंखार दस्ता कहा जाता है। पिछले एक दशक में इस दस्ते ने जितनी हत्या की, उसमें सबसे अधिक दारोगी यादव ने ही गला रेतकर अंजाम दिया था। सूत्र यह भी बतातें है कि साल 2003 में सगे चाचा के बीच जमीन विवाद के बाद इंसाफ पाने के लिए ही दारोगी नक्सली संगठन से जुड़ा और चाचा की हत्या कर दी। जमीन विवाद के मामले में संगठन से जुड़ने के बाद दारोगी यादव इलाके के गांवो में जनता दरबार लगाना शुरु कर दिया।

लेवी वसूली भी करता था दारोगी

यहीं नही इलाके के एरिया कमांडर दिनेश पंडित की मौत पुलिस मुठभेड़ में होने के बाद चिराग दा ने ही दारोगी यादव को संगठन के लिए लेवी की राशि वसूलने का निर्देश दिया था। लिहाजा, दारोगी यादव ठेकेदारों, राशन डीलरों से बडे़ पैमाने पर लेवी की राशि वसूलता था। लेवी वसूलने में दारोगी को महारत हासिल थी। ऐसे में दारोगी यादव की गिरफ्तारी के बाद गिरिडीह के साथ जमुई और नवादा पुलिस ने राहत की सांस ली है।

ख़बरों से अपडेट रहने के लिए जुड़े हमारे व्हाट्सएप ग्रुप एवं फेसबुक पेज से….

267 Replies to “बिहार के एक रेलवे स्टेशन से लूटा गया था हार्डकोर दारोगी से बरामद एसएलआर

  1. viagra pharmacy canada1drugstore.com/tadalafil/ There are numerous people who attempt to reduce weight. The ones who attempt as well as do well in weight-loss are the ones that have knowledge in the weight management area. This post will certainly provide a few of that understanding to you. There are various ways to reduce weight, and also it is everything about what works best for you. article

  2. I do trust all the ideas you’ve offered to your post.
    They’re really convincing and will definitely work. Still, the posts are too quick for starters.
    May just you please lengthen them a bit from next time?
    Thank you for the post.

Leave a Reply

Your email address will not be published.