गिरिडीह कॉलेज विवाद : हरिजन एक्ट लगाकर वर्चस्व साबित करने पर तूले छात्र दल
गिरिडीह झारखंड टॉप-न्यूज़

गिरिडीह कॉलेज विवाद : एससी एक्ट लगाकर वर्चस्व साबित करने पर तूले छात्र दल

  • 30
    Shares

एबीवीपी और अन्य छात्र दल ने एक दूसरे पर दर्ज कराई प्राथमिकी

गिरिडीह| गिरिडीह कॉलेज इन दिनों विवाद का अखाड़ा बना हुआ है. हर रोज किसी न किसी मसले पर कॉलेज में विवाद होना रोज की घटना बन गई है. आजकल यह युवा मंथन कार्यक्रम में हुए विवाद के कारण चर्चा में है. इस विवाद के बाद एबीवीपी और अन्य छात्र गुट के बीच तनातनी काफी बढ़ गई है. नौबत आरोप प्रत्यारोप से बढ़कर केस मुकदमे तक आ पहुंची है. वर्चस्व की लड़ाई में कोई किसी से कम नहीं रहना चाहता है.

क्या है पूरा मामला

गिरिडीह कॉलेज विवाद: एक दूसरे पर हरिजन एक्ट लगाकर वर्चस्व साबित करने पर तूले छात्र दल

गिरिडीह कॉलेज में पिछले 6 अक्टूबर को युवा मंथन कार्यक्रम का आयोजन हुआ था. यह कॉलेज के छात्रों के लिए विचार विमर्श, आपसी संवाद व समझ विकसित करने का मंच था. लेकिन कार्यक्रम का स्वरूप ही बदल गया. मंच पूरी तरह से राजनीतिक रंग में रंग गया. छात्रों के कार्यक्रम में भाजपा के कोडरमा सांसद समेत दो-दो विधायक मौजूद थे. साथ ही उनके कार्यकर्ता भी मौजूद थे. छात्रों को तो संवाद करने का अवसर ही नहीं मिला. बस एक ही दल विशेष के नेता बोलते रहे.

इसे भी पढ़ें-बगोदर : प्रमाण पत्र निर्गत नहीं किये जाने से छात्रों में उबाल, जीटी रोड किया जाम

ऐसे में छात्र नेता पप्पु कुमार सुमन को बोलने के लिए मंच आमंत्रित करना ही कार्यक्रम के आयोजकों का भारी पड़ गया. पप्पु ठहरे छात्र नेता. भाजपा और एबीवीपी के खिलाप हमेशा मोर्चा लेने वाले. मौका मिला तो शुरू हो गए. भाजपा सांसद और विधायकों के सामने ही पीएम मोदी के नीतियों की आलोचना शुरू कर दी. अब यह भाजपाईयों और एबीवीपी कार्यकर्ताओं को कैसे बर्दास्त होता. भरे मंच में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने इस पर आपत्ति की और सुमन को बोलने से रोक दिया.

इसे भी पढ़ें-गिरिडीह : अवैध शराब ठिकानों पर छापा, एक धंधेबाज गिरफ्तार

गिरिडीह कॉलेज विवाद: एक दूसरे पर हरिजन एक्ट लगाकर वर्चस्व साबित करने पर तूले छात्र दल

सुमन का आरोप है कि भाजपा सांसद और विधायकों के समाने ही बोलने से रोक कर उनसे माइक छीन लिया गया. साथ ही उनके साथ मारपीट की गई और कार्यक्रम से निकाल दिया गया. बस इतना ही काफी था. इसके बाद ही कॉलेज में इस घटना को लेकर आरोप प्रत्यारोप का दौर चालू हो गया. आजसू और झामुमो ने तो इसे दलित उत्पीड़न के साथ जोड़ते हुए दूसरे दिन कॉलेज में कोडरमा सांसद रवीन्द्र राय का पुतला जलाकर अपना विरोध दर्ज किया.

एबीवीपी सदस्यों पर एससी एक्ट के तहत प्राथमिकी

इस घटना के बाद पीड़ित छात्र नेता पप्पु कुमार सुमन ने गिरिडीह मुफ्फसिल थाने में एबीवीपी के चार कार्यकर्ताओं के खिलाफ एससी उत्पीड़न के तहत शिकायत दर्ज करायी. पप्पु ने एबीवीपी के रोशन सिंह, अभिजन राय, कृष्णा त्रिवेदी और रूपेश स्वर्णकार के खिलाफ जाति सूचक शब्द के साथ गाली गलौज, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है.

एबीवीपी ने भी दिया थाने में आवेदन

इधर प्राथमिक दर्ज होते ही एबीवीपी ने भी जवाब में पप्पु कुमार सुमन और अन्य छात्रों पर एससी एक्ट के तहत ही शिकायत दर्ज करा दी. एबीवीपी के सदस्यों ने पप्पु और अन्य पर आरोप लगाया है कि उन्होंने एबीवीपी के पूर्व विश्वविद्यालय उपाध्यक्ष जयकांत पासवान के साथ गाली गलौज और मारपीट की है.

इसे भी पढ़ें-बेंगाबाद : तेल के अवैध खेल का भंडाफोड़, पेट्रोल एवं डीजल के भरे व खाली ड्रम बरामद

एबीवीपी के छात्र नेता रौशन कुमार ने कहा कि यह एबीवीपी को नीचा दिखाने और उन्हें बदनाम करने की सजिश है. इस मामले को नाहक ही तूल देकर कई राजनीतिक दल अपना चेहरा चमका रहे हैं. उन्होंने कहा कि अपनी गलत राजनीतिक स्वार्थ पूरा करने के लिए कुछ लोग छात्रों पर दलित उत्पीड़न का झूठा केस कर रहे हैं.

अपने अपमान से दुखी

इधर, पप्पु कुमार सुमन ने कहा कि उनके साथ गलत हुआ है और न्याय मिलने तक वह अपनी लड़ाई जारी रखेंगे. एबीवीपी और भाजपा के लोगों ने न सिर्फ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन किया है, बल्कि एक दलित का अपमान भी किया है.

2 Replies to “गिरिडीह कॉलेज विवाद : एससी एक्ट लगाकर वर्चस्व साबित करने पर तूले छात्र दल

Leave a Reply

Your email address will not be published.