सरिया : मित्रों के साथ चाय पीते आया पूजा का विचार, तभी से यहां शुरू हो गई पूजा
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सरिया : मित्रों के साथ चाय पीते आया पूजा का विचार, तभी से यहां शुरू हो गई पूजा

Report- कंठेकाल पांडेय

भव्य मेले का होता है आयोजन

सरिया(गिरिडीह)| सरिया प्रखंड के केशवारी गाँव में 1994 से मेले का आयोजन कर दुर्गा पूजा मनाया जा रहा है. इसके पूर्व वहां के लोग दुर्गा पूजा मनाने तथा मेले का आनंद लेने सरिया बाजार जाया करते थे. इस बाबत दुर्गा पूजा समिति केशवारी के अध्यक्ष सह संस्थापक सदस्य महेश कुमार मोदी ने बताया कि 1994 के अगस्त माह में गांव में स्थित राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी सीताराम शास्त्री ग्रामीण द्वारिका प्रसाद यादव, जगदीश मोदी, शिवचरण राणा, रामविलास मोदी, महेश मोदी, गंगाधर, बाबूलाल राणा, सुरेंद्र सिंह, नारायण पंडित ,राम प्रसाद गोप, शिवचरण राणा, सीटन रजक, प्रकाश राणा आदि लोग केशवारी के एक दुकान में चाय पी रहे थे.

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इसी बीच लोगों के मन में केशवारी में दुर्गा पूजा मनाने का विचार आया. फिर क्या था,लोगों ने पूजा करने की ठान ली. अस्थायी पूजा कमिटी बनी. लोगों में पूजा के प्रति उत्साहवर्धन के लिए मध्य विद्यालय केशवारी के तत्कालीन प्रधानाध्यापक सुरेन्द्र सिंह एवं भाजपा के महेश कुमार मोदी ने 11-11 सौ रुपए चन्दा राशि जमा किया और पूजा शुरू होगई.

रास्ते में पड़े एक रूपये के नोट को माना शगुन

इसी बीच कुछ लोग नित्य क्रिया को लेकर तालाब की ओर जा रहे थे. रास्ते में लोगों को एक रुपया का नोट पड़ा मिला. उसे शुभ शकुन समझकर पूजा फण्ड में जमा कर दिया गया. वहीँ प्रत्येक घर से एक रूपया चन्दा जमा कर 1994 में दुर्गा पूजा प्रारंभ की गई.

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बताया कि वर्ष 1997 तक पंडाल बनाकर पूजा की गई. बाद में लोगों के मन में मंदिर निर्माण का ख्याल आया. इसी बिच मंदिर निर्माण स्थल को लेकर गाँव में विवाद उत्पन्न हो गया. जिसके समाधान के लिए गिरिडीह के तत्कालीन एसपी ताज हसन तथा डीएसपी जे एन यादव मौके पर पहुँच मामले का निष्पादन कराते हुए मंदिर निर्माण का कार्य प्रारंभ करवाया था.

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कहा  कि मंदिर की नींव खोदने के लिए पहला कुदाल डीएसपी जे एन यादव ने चलाया था. इसके बाद लोगों ने उत्साह पूर्वक भव्य मंदिर का निर्माण किया. जहां आज उक्त मंदिर में घुठिया पैंसरा, परसिया, अमनारी, नगर केशवारी, चौबे, औरवाटाँड, बसरिया ढाब, डुमरिया टाँड, डुमरिया कोनी आदि दर्जनों गांव से श्रद्धालु पूजन-अर्चन करने पहुंचते हैं.

धूमधाम से की जा रही पूजा

इस वर्ष भी पूजा समिति की देखरेख में पूजा तथा मेले का आयोजन किया गया है जिसमें नित्य-नैमित्तिक मंदिर के पुरोहित सीताराम शास्त्री द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजा की जा रही है. गांव में शांतिपूर्ण वातावरण में त्यौहार मनाने लिए सभी संस्थापक सदस्य सहित समाजसेवी एवं पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा लोगों से अपील किया गया है.

37 Replies to “सरिया : मित्रों के साथ चाय पीते आया पूजा का विचार, तभी से यहां शुरू हो गई पूजा

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