नटवर लाल सज्जाद ने श्रमाधीक्षक कार्यालय में दिलाया एसएचजी की महिलाओं से धरना
गिरिडीह झारखंड

नटवर लाल सज्जाद ने श्रमाधीक्षक कार्यालय में दिलाया एसएचजी की महिलाओं से धरना

पैसे लेकर ईएसआई कार्ड बनवाने के नाम पर ठगता था पैसा

मामले का खुलासे और हंगामे के बाद रफूचक्कर हुआ नटवर लाल सज्जाद

गिरिडीहः ईएसआई कार्ड बनाने के नाम पर बुधवार को गिरिडीह के श्रमाधीक्षक कार्यालय में गांडेय के नटवर लाल सज्जाद शेख सैकड़ो महिलाओं के साथ धरने पर बैठ गया। लेकिन इस नटवर लाल की ठगी जब अवैध पैसे वसूली के रुप में पकड़ाया तो जिन महिलाओं को सज्जाद शेख ने धरना के लिए बुलाया था। उन महिलाओं ने ही सज्जाद शेख के खिलाफ जमकर हंगामा और नारेबाजी किया।

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धरना में शामिल थी स्वयं सहायता समूह की महिलाये

गौर करने वाली बात यह भी रही कि जिन महिलाओं को सज्जाद शेख ने धरना देने के लिए बुलाया था। वे महिलाएं कोई निर्माण कंपनी की मजदूर नहीं, बल्कि स्वयं सहायता समूह की सदस्याएं थी। लेकिन नटवरलाल सज्जाद शेख ने इन महिलाओं को बरगला कर श्रमाधीक्षक कार्यालय धरना के लिए बुलाया था। इस बीच मामले में श्रमाधीक्षक रविशंकर ने हस्तक्षेप किया और महिलाओं से पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद श्रमाधीक्षक रविशंकर ने आरोपी सज्जाद शेख के खिलाफ नगर थाना में केस दर्ज कराने की बात भी कही।

इधर सज्जाद शेख के साथ धरना देने के लिए पहुंची महिलाओं ने श्रमाधीक्षक रविशंकर को बताया कि उन लोगों को सज्जाद शेख ने खुद को श्रमाधीक्षक बताता था और मजदूर कार्ड बनाने की बात कहते हुए धरना देने के लिए बुलाया था। इसके लिए सज्जाद शेख भारतीय मजदूर संघ के बैनर का सहयोग लेते हुए हर महिलाओं से कार्ड बनवाने के नाम पर अनाप-शनाप पैसे की वसूली भी कर चुका था। जिसमें किसी महिला से पांच सौ रुपये तो किसी से सात सौ से आठ सौ रुपये तक की वसूली कर चुका था। हंगामे के दौरान यह भी सामने आया कि इस ठगी में सज्जाद शेख का सहयोग मकरु महतो, एमपी वर्मा ने भी किया था।

कार्ड के नाम पर वसूली करने पर हुआ विरोध

जानकारी के अनुसार श्रमाधीक्षक कार्यालय में जब सज्जाद शेख अपने सहयोगियों के साथ महिलाओं को धरनास्थल लेकर पहुंचा, तो पहले तो यह प्री-प्लानिंग धरना बेहतर तरीके से शुरु हुआ। लेकिन इसके बाद महिलाओं से कार्ड बनवाने के नाम पर वसूली शुरु हुई, तो महिलाओं ने हंगामा करना शुरु कर दिया। इस दौरान हंगामा कुछ इस कदर बढ़ा कि महिलाएं सज्जाद शेख के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगी। हंगामे के क्रम में यह भी सामने आया कि सज्जाद शेख पहले दुमका में श्रमिक मित्र के रुप में कार्य कर चुका था। लेकिन वहां किसी घोटाले के कारण सज्जाद शेख को हटा दिया गया। इसके बाद सज्जाद शेख ने गिरिडीह के पीरटांड, बदगुंडा समेत अन्य इलाकों की स्वयं सहायता समूह चलाने वाली महिलाओं से वसूली के लिए अपने शिकंजे में लपेटा, लेकिन ठगी में धरा गया।

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