नक्सल विरोधी अभियान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और एडीजी पहुंचे मधुबन
गिरिडीह झारखंड

नक्सल विरोधी अभियान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और एडीजी पहुंचे मधुबन

माओवादियों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए एक बार फिर बनी रणनीति

गिरिडीह: नक्सल विरोधी अभियान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के. विजय कुमार गुरुवार को गिरिडीह के मधुबन स्थित सीआरपीएफ कैंप पहुंचे। जैन समाज के तीर्थनगरी और भगवान पार्श्वनाथ के तपोभूमि में एक बार फिर माओवादियों को इलाके में घैरने और विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने की रणनीति तैयार हुई। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के साथ एडीजी ऑपरेशन मुरारी लाल मीणा भी झारखंड पुलिस के हेलीकाॅप्टर से सीआरपीएफ कैंप पहुंचे थे। जहां गिरिडीह एसपी सुरेन्द्र झा, मधुबन सीआरपीएफ 154वीं बटालियन के कमांडेट आलोक वीर विक्रम यादव और एएसपी दीपक कुमार ने सलाहकार और एडीजी को बुके देकर स्वागत किया।

सीधी नजर देखें सिटी केबल के 277 नम्बर और हमारे youtube चैनल पर

इलाके में एंटी नक्सल ऑपरेशन को ओर तेज करने का दिया निर्देश

कैंप के बंद कमरे में करीब तीन घंटे तक बैठक में माओवादियों के लिए रक्तबीज की धरती माने जाने वाले पीरटांड़ में माओवादियों को घैरने के साथ नए माओवादियों के पैदाईश पर रोक लगाने की रणनीति बनी। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने साफ तौर पर अधिकारियों को माओवादियों के खिलाफ पीरटांड़, मधुबन और डुमरी के इलाके में एंटी नक्सल आॅपरेशन ओर तेज करने का निर्देश दिया। इस दौरान प्रोजेक्टर के सहारे सुरक्षा सलाहकार और एडीजी मीणा को पीरटांड़ के भौगोलिक इलाकों से रुबरु कराया गया।

नक्सल प्रभावित क्षेत्र में विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने पर दिया जोर

पुलिस सूत्रों की मानें तो बैठक में सुरक्षा सलाहकार और एडीजी ने पीरटांड़ के इलाके में विकास के हर योजनाओं को सही तरीके से क्रियान्वित कराने का भी सुझाव दिया। जिससे इलाके के लोगों में पुलिस और सुरक्षा बलों के प्रति भरोषा बढ़ सके। खास तौर पर सुरक्षा सलाहकार और एडीजी ने अधिकारियों को विकास योजनाओं से माओवादियों के लेवी देने वाले ठेकेदारों पर नजर रखने का निर्देश दिया है। घंटो चले बैठक में सीआरपीएफ के अधिकारियों के साथ पुलिस विभाग के डुमरी एसडीपीओ नीरज सिंह भी मौजूद थे।

ख़बरों से अपडेट रहने के लिए जुड़े हमारे व्हाट्सएप ग्रुप एवं फेसबुक पेज से….