पचंबा स्थित मुरलीवाला मिनरल पत्थर पाउडर फैक्ट्री में सेल टैक्स टीम की छापेमारी
गिरिडीह झारखंड टॉप-न्यूज़

पचंबा स्थित मुरलीवाला मिनरल पत्थर पाउडर फैक्ट्री में सेल टैक्स टीम की छापेमारी

10 लाख के जीएसटी की चोरी की संभावना

देर शाम तक जारी रही छापेमारी, दस्तावेजों को खंगालने में जूटे है अधिकारी

गिरिडीह। गिरिडीह के पचंबा के सूनसान इलाके में संचालित पत्थर पाउडर मिल में शुक्रवार को वाणिज्यकर विभाग के अन्वेष्ण ब्यूरो ने छापेमारी किया। पचंबा में संचालित पत्थर पाउडर मिल मुरलीवाला मिनरल प्राईवेट लिमिटेड नाम से चलता है। फैक्ट्री के संचालक मोहन बगेड़िया और उनके बेटे रीकूं बगेड़िया है। छापेमारी में हजारीबाग प्रमंडल के साथ गिरिडीह सर्किल के पदाधिकारी शामिल थे। वाणिज्यकर विभाग के अन्वेष्ण ब्यूरो के अधिकारियों की टीम ने सुबह 10 बजे दबिश दिया। इस दौरान टीम में हजारीबाग प्रमंडल के संयुक्त आयुक्त दिलीप मंडल के अलावे अन्वेष्ण ब्यूरो की आयुक्त अलका सिन्हा के अलावे कई वाणिज्यकर पदाधिकारी शामिल थे। छापेमारी टीम में शामिल अधिकारी देर शाम तक सभी दस्तावेजों को खंगालने मे जूटे थे।

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10 लाख का आईटीसी जीएसटी टैक्स का चोरी की संभावना

पचंबा स्थित मुरलीवाला मिनरल पत्थर पाउडर फैक्ट्री में सेल टैक्स टीम की छापेमारी

संयुक्त आयुक्त दिलीप मंडल ने बताया कि तीन सालों में मुरलीवाला मिनरल के संचालकों द्वारा जीएसटी टैक्स का भुगतान करने में गड़बड़ी किया है। यही नही तीन सालों में पाउडर मिल फैक्ट्री के संचालकों ने कोलकाता के अलावे बिहार के शेखपुरा और बोकारो से जितना राॅ मैटेरियल के रुप में पत्थर खरीदे है। उसका कोई भुगतान नहीं किया है। बताया कि करीब 10 लाख का आईटीसी जीएसटी टैक्स के चोरी का मामला सामने निकल कर आ रहा है। यही नही इन तीनों डीलरों से जो राॅ मैटेरियल की खरीदारी हुई है। उसका कोई भी रजिस्ट्रर सही तरीके से अप-टू-डेट नहीं है। जबकि मुरलीवाला मिनरल में राॅ मैटेरियल के साथ पक्का माल का स्टाॅक भी तैयार है।

छापेमारी के दौरान जिन दस्तावेजों को खंगाले गए, उसके आधार पर अब मुरलीवाला मिनरल फैक्ट्री के संचालकों को कुछ समय दिया जा रहा है कि वह जिन लोगों से पत्थरों की खरीदारी किए है। उसका पूरा लेखा जेखा वाणिज्यकर विभाग को दिखाएं।

बकाया था इलेक्ट्रिीसिटी बिल

आयुक्त का दावा है कि फैक्ट्री का आउटसेल रजिस्ट्रर अप-टू-डेट है। फिलहाल सारे रजिस्ट्रर का जांच किया जा रहा है। आयुक्त ने यह भी बताया कि फैक्ट्री के इलेक्ट्रिीसिटी का ड्यूटी बिल भी करीब 88 हजार का बकाया है। जिसे छापेमारी के क्रम में मिल संचालकों ने भुगतान करने की बात कही है। वैसे छापेमारी के दौरान अधिकारियों को जितने दस्तावेज मिले है, जिसे टीम सुबह से खंगालने में जुटी है। उन दस्तावेजों के आधार पर जीएसटी टैक्स की चोरी का मामला कुछ और अधिक निकल सकता है। इधर छापेमारी में गिरिडीह सर्किल के राज्यकर उपायुक्त अवशेष चैधरी के अलावे राज्यकर पदाधिकारियों में सोमरा भगत, बी.के प्रधान, देवाशीष समेत कई पदाधिकारी शामिल थे।

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