गिरिडीह : पारा शिक्षकों को लेकर सरकार गंभीर- रविन्द्र राय
झारखंड बगोदर

बगोदर : पारा शिक्षकों को लेकर सरकार गंभीर- रविन्द्र राय

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बगोदर(गिरिडीह)। भाजपा की सरकार ना ही पारा शिक्षक विरोधी है और ना ही पारा शिक्षक भाजपा विरोधी है। भाजपा की सरकार लगातार पारा शिक्षकों की समस्याओं के समाधान हेतु प्रयास कर रही है। लेकिन न्यायालय के कानूनी व्यवधान पर कुछ रूकावटें जरूर आई है। बावजूद इसके सरकार अपने चुनावी मेनिफेस्टो में पारा शिक्षकों के प्रति जो वादा किया था वह वादा अभी भी बरकरार है। उक्त बातें कोडरमा सांसद सह प्रदेश कोर कमेटी सदस्य डॉ रविंद्र कुमार राय ने बगोदर स्थित भाजयुमो जिला अध्यक्ष सह सांसद प्रतिनिधि आशीष कुमार बार्डर के आवास पर प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहीं।

उन्होंने दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि बीते 15 नवंबर को रांची के मोराहबादी में जो पारा शिक्षकों के साथ घटना घटी वह घटना न हीं पारा शिक्षकों के संदर्भ में सही थी और ना ही सरकार के लिए। सरकार अपने स्तर से पारा शिक्षकों के स्थायीकरण के लिए प्रयास कर रहीं है।

स्थापना दिवस की घटना दुर्भाग्यपूर्ण

कहा कि 15 अगस्त, 26 जनवरी तथा 15 नवम्बर राज्य स्थापना दिवस जन जन का त्यौहार है। इसका उपयोग कोई भी संस्था लाभ के लिए नहीं करनी चाहिए। कार्यक्रम में महामहिम राज्यपाल को संबोधन को सात मिनट तक रोकना पड़ा। जो काफी  दुर्भाग्यपूर्ण है। कहा कि निरक्षरता का कंलक मिटाने के लिए देश भर में पारा शिक्षकों का आगमण एक मिशन के तहत शिक्षा के क्षेत्र में हुआ था। यह भाजपा के अटल बिहारी वाजपेयी व मुरली मनोहर जोशी के द्वारा लाया गया था।

उन्होंने विरोधियों पर तंज कसते हुए कहा कि विरोधी दल घडियाली आंसू बहा रहे हैं। कहा कि रविवार को बगोदर में  एक शिक्षण संस्थान के कार्यक्रम में मुझे शिरकत करना था, लेकिन मुझे सूचना मिली कि कुछ उपद्रवी लोग उपद्रव करेगें। टकराव की स्थिति से बचने के वजह से ही वे कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। कहीं मोराहबादी का एक छोटा रूप बगोदर न हो जाये। प्रेसवार्ता में भाजपा के वरिष्ठ नेता सीताराम वर्णवाल, अशिष कुमार बॉर्डर, मंडल अध्यक्ष उदय गुप्ता, महामंत्री अशोक झारखंडी, पशुपति शर्मा, बिक्की कुमार, रवि सिंह सहित कई लोग उपस्थित थे।

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