पुण्य नमन : पुण्यतिथि पर पढ़ें कवि नरेश मेहता की कविता 'यह सोनजुही-सी चाँदनी'
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पुण्य नमन : पुण्यतिथि पर पढ़ें कवि नरेश मेहता की कविता ‘यह सोनजुही-सी चाँदनी’

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नरेश मेहता

 

यह सोनजुही-सी चाँदनी

नव नीलम पंख कुहर खोंसे

मोरपंखिया चाँदनी।

 

नीले अकास में अमलतास

झर-झर गोरी छवि की कपास

किसलयित गेरुआ वन पलास

किसमिसी मेघ चीखा विलास

मन बरफ़ शिखर पर नयन प्रिया

किन्नर रम्भा चाँदनी।

 

मधु चन्दन चर्चित वक्ष देश

मुख दूज ढँके मावसी केश

दो हंस बसे कर नैन-वेश

अभिसार रंगी पलकें अशेष

मन ज्वालामुखी पर कामप्रिया

चँवर डुलाती चाँदनी।

 

गौरा अधरों पर लाल हुई

कल मुझको मिली गुलाल हुई

आलिंगन बँधी रसाल हुई

सूने वन में करताल हुई

मन नारिकेल पर गीत प्रिया

वन-पाँखी-सी चाँदनी।

 

कवि परिचय-साहित्य अकादेमी, ज्ञानपीठ पुरस्कार, भारत भारती सम्मान से सम्मानित हिन्दी के यशस्वी कवि नरेश मेहता उन शीर्षस्थ लेखकों में हैं जो भारतीयता की अपनी गहरी दृष्टि के लिए जाने जाते हैं। नरेश मेहता ने इन्दौर से प्रकाशित चौथा संसार हिन्दी दैनिक का सम्पादन भी किया।

नरेश मेहता दूसरा सप्तक के प्रमुख कवि के रूप में प्रसिद्ध हैं। 19 नवंबर 2000 में मेहता जी का निधन हो गया।

3 Replies to “पुण्य नमन : पुण्यतिथि पर पढ़ें कवि नरेश मेहता की कविता ‘यह सोनजुही-सी चाँदनी’

  1. मेहता जी सार्थक सोच के लेखनी कि विराटता के व्यक्ति व्यक्तित्व के साथ साथ ओजश्वी साहित्य विधा के विधान प्रवाह थे उनको श्रद्धां के साथ नमन

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