एसएसवीएम में मनाई गई स्वामी विवेकानंद की 157वीं जयंती
गिरिडीह झारखंड

एसएसवीएम में मनाई गई स्वामी विवेकानंद की 157वीं जयंती

भुवनेश्वर से आए स्वामी ब्रह्मनिष्ठ नंद का किया गया स्वागत

गिरिडीह। सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में स्वामी विवेकानंद की 157वीं जयंती का आयोजन किया गया। मौके पर मुख्य अतिथि भुवनेश्वर से आए स्वामी ब्रह्मनिष्ठ नंद, अजय बगेड़िया, सतीश्वर प्रसाद सिन्हा, दीपक शर्मा एवं प्रधानाचार्य संजीव कुमार सिन्हा ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर और स्वामी विवेकानंद जी पर पुष्प अर्पित करके किया। इस दौरान प्रधानाचार्य ने स्वामी जी का स्वागत शॉल, पुष्प गुच्छ और श्रीफल देकर किया।

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शिक्षा व ज्ञान से विवेकानंद ने किया दुनिया को अलोकित: ब्रह्मनिष्ठ नंद

एसएसवीएम में मनाई गई स्वामी विवेकानंद की 157वीं जयंती

मौके पर स्वामी ब्रह्मनिष्ठ नंद ने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत थे। युवावस्था में ही वे अमेरिका के शिकागो में होने वाले विश्व धर्म सम्मेलन में भारतीय संस्कृति और धर्म का डंका बजा दिया। सभी धर्मों का सार मानव धर्म है। दूसरे के दुःख को देखकर जिसकी आंखों में आंसु आ जाये वही हमारा धर्म है। कहा कि भगवान पर विश्वास करो या ना करो लेकिन खुद पर विश्वास और भरोसा रखो। जीवन में बनने का जो लक्ष्य है वह शक्ति आपके पास है आवश्यकता है तो उसे जगाने की। स्वामी विवेकानंद ने शिक्षा व ज्ञान से दुनिया को आलोकित कर लाखों युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत बने।

कहा कि उनके मजबूत व्यक्तित्व, विज्ञान और वेदांत में व्यापक ज्ञान तथा मानव और पशु जीवन के प्रति सहानुभूति, शांति और मानवता जैसे गुणों ने उन्हें महापुरुषों की श्रेणी में ला खड़ा किया। हमें उनके आदर्शों पर चलने की कोशिश करना चाहिए।

इनका रहा योगदान

कार्यक्रम को सफल बनाने में अवधेश पाठक, मनीष पाठक, बिपिन्न सहाय, अदिति सरकार, राजेंद्र लाल बरनवाल समेत विद्यालय के सभी आचार्य और दीदी का सराहनीय योगदान रहा।

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