आर्थिक तंगी बना एक और पारा शिक्षक की मौत का कारण
जमुआ झारखंड

आर्थिक तंगी बना एक और पारा शिक्षक की मौत का कारण

चार माह से मानदेय का नहीं हुआ है भूगतान, पैसे के अभाव में नहीं हो पाया समुचित ईलाज

जमुआ (गिरिडीह)। जमुआ प्रखण्ड के नावाडीह निवासी पारा शिक्षक परमानंद कुमार का बुधवार की अहले सुबह रिम्स में ईलाज के दौरान मौत हो गई। वे सियाटांड़ संकुल के उप्रावि महादेवडीह में बतौर पारा शिक्षक सह सचिव पदस्थापित थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही गाँव में शोक की लहर दौड़ गई। घटना के बाद पत्नी व दो बच्चों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव कार्य के दौरान विद्यालय से घर आने के क्रम में उनका ब्रेन हेम्ब्रेज कर गया था। जिसके बाद परिजनों ने उन्हें रिम्स में भर्ती कराया था।

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लोगों का उमड़ा हुजूम

पारा शिक्षक की मौत की सूचना मिलते ही उनके लोगों की भीड़ इकटठा हो गई। वहीं शव के नावाडीह पहुंचते ही पारा शिक्षक संघ जमुआ प्रखण्ड अध्यक्ष नारायण कुमार दास, प्रखण्ड सचिव दीपक कुमार, जिला कोषाध्यक्ष बैजनाथ मंडल, कुरहोबिंदो संकुल अध्यक्ष प्रवीण कुमार, सियाटांड़ संकुल अध्यक्ष मोहन वर्मा, संकुल साधन सेवी जयकिशोर विश्वकर्मा, भागीरथ वर्मा सहित प्रखण्ड भर के पारा शिक्षक, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य शोक संतप्त परिवार के घर नावाडीह पहुंचे। इस दौरान सभी ने पारा शिक्षक को श्रद्धांजलि अर्पित की।

सरकार की गलत नितियों के कारण हुई पारा शिक्षक की मौत रू नारायण दास

इस दौरान प्रखण्ड अध्यक्ष नारायण कुमार दास ने कहा कि रघुवर सरकार की गलत नीतियों के परिणामस्वरूप एक और पारा शिक्षक काल कलवित हुए हैं। पारा शिक्षकों का विगत चार माह से मानदेय लंबित है। परमानंद कुमार का परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। जिसके उनका समुचित ईलाज नहीं हो पाया और उनकी मौत हो गई। उन्होने पारा शिक्षकों के लंबित मानदेय के शीघ्र भुगतान की मांग हेमंत सरकार से की है।

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