एसएसभीएम में मनाया गया विजय दिवस सह सम्मान समारोह
गिरिडीह झारखंड

एसएसभीएम में मनाया गया विजय दिवस सह सम्मान समारोह

सेेवानिवृत सैनिक रविन्द्र कुमार सिंह को किया गया सम्मानित

गिरिडीह। सरस्वती शिशु विद्या मंदिर बरगंडा में गुरुवार को रणबांकुरों की याद में विजय दिवस सह सैनिक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सेवानिवृत्त सैनिक रविंद्र कुमार सिंह एवं प्रधानाचार्य संजीव कुमार सिन्हा ने दीप जलाकर किया। विषय प्रवेश अजीत मिश्रा एवं मंच संचालन राजेंद्र लाल वर्णवाल ने किया। मौके पर विद्यालय की ओर से सेवानिवृत्त सैनिक को अंगवस्त्र एवं श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।

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भारतीय सेना कई मामलों में उत्कृष्ट: पूर्व सैनिक

एसएसभीएम में मनाया गया विजय दिवस सह सम्मान समारोह

मौके पर सेवानिवृत सैनिक रविंद्र कुमार सिंह ने कहा की हमारी सेना कई तरीके से उत्कृष्ट है। हम किसी भी क्षेत्र में चाहे वह युद्ध का हो, बाढ़ का हो, महामारी हो, सीमा की सुरक्षा करना हो या अन्य किसी भी कार्य में जिसमें सेना की आवश्यकता होती है हम बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं और भारत मां की अस्मिता को अक्षुण्ण बनाए रखते हैं। उन्होंने बच्चों को अनुशासन का पाठ पढ़ाया। कहा कि अनुशासन ही जीवन को महान बनाता है।

देश के सैनिकों ने अपने शौर्य बल से सिद्ध किया कि देश की ताकत अजेय

मौके पर प्रधानाचार्य संजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि 1971 के युद्ध में भारतीय सेना ने 93 हजार पाक सैनिकों को आत्मसमर्पण करने के लिए बाध्य कर दिया। हमारे देश के सैनिकों ने अपने शौर्य बल से यह सिद्ध कर दिया कि देश की ताकत अजेय है। कहा कि 1971 में पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति भुट्टो की गलत नीतियों से पूर्वी पाकिस्तान त्रस्त था। इसका विरोध शेख मुजीबुर्रहमान ने किया और भारत से सहयोग की अपेक्षा की। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने संयुक्त राष्ट्र संघ से स्वीकृति लेकर फील्ड मार्शल मानिक शाॅ के नेतृत्व में अपनी सेना को सांगला भेजा और पूर्वी पाकिस्तान को आजाद करा कर बांग्लादेश के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम को सफल बनाने में नलिन कुमार के साथ-साथ समस्त आचार्य दीदी का सराहनीय योगदान रहा।

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