कमेटी खेलने को लेकर पचंबा के हटिया रोड में दो पक्षो में मारपीट
गिरिडीह झारखंड

कमेटी खेलने को लेकर पचंबा के हटिया रोड में दो पक्षो में मारपीट

एक पक्ष ने लगाया अपहरण का आरोप, तो दुसरे पक्ष ने किया आरोप से इंकार

सोमवार की देर रात हुई घटना दुसरे दिन पूरी तरह हुआ शांत, पचंबा पुलिस ने कार्रवाई से किया इंकार

गिरिडीह। कमेटी खेलने को लेकर दो पक्षों में मारपीट की घटना हुई। इसके बाद एक पक्ष के विनय साव ने दुसरे पक्ष के विजय ठाकुर और उसके पिता लालो ठाकुर समेत दर्जन भर अज्ञात लोगों पर अमित राम के अपहरण का आरोप लगाया। सोमवार देर रात हुई घटना की सच्चाई क्या है, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है। क्योंकि दोनों पक्ष में से अभी तक किसी ने गिरिडीह के पचंबा थाना में लिखित आवेदन नहीं दिया है। लेकिन पचंबा पुलिस उस स्कार्पियों को जब्त कर रखे हुए है। जिससे विजय ठाकुर अपने गुर्गो के साथ हटिया रोड पहुंचा था। स्कार्पियों वाहन में राज्य सरकार का वीआईपी स्टीकर चिपका हुआ है। हालांकि अब तक यह साफ नहीं हो पाया कि स्कार्पिया किसका था।

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कमेटी से रूपये लेने के बाद नहीं लौटा रहा था अमित

कमेटी खेलने को लेकर पचंबा के हटिया रोड में दो पक्षो में मारपीट

जानकारी के अनुसार हटिया रोड निवासी विनय साव अपने पड़ौसी अमित राम के साथ कमेटी खेलाता था। अमित राम और विनय साव द्वारा खेलाएं जाने वाले कमेटी में पचंबा थाना क्षेत्र के मोंसफडीह गांव निवासी विजय ठाकुर समेत कुछ ओर लोग भी शामिल थे। बताया जाता है कि अमित राम कमेटी में काफी नगद रुपये उठा चुका था। जिसमें अमित राम ने डेढ़ माह में तीन लाख रुपये यह कह कर उठाया था, कि जल्द ही वह कमेटी के नियमानुसार भुगतान करता जाएगा। उठाए गए पैसे के भुगतान के लिए अमित राम ने अलग-अलग समय दिया था। लेकिन हर बार अमित राम पैसे देने से इंकार करते हुए दौबारा दो दिसबंर का वक्त दिया था।

लिहाजा, अमित राम के दिए वक्त के अनुसार विजय ठाकुर एक स्कार्पियो गाड़ी से अपने कुछ गुर्गो के साथ सोमवार की देर शाम करीब सात बजे हटिया रोड पहुंचा और अमित राम से पैसे की मांग करने लगा। एक बार फिर जब अमित ने नगद देने से इंकार किया, तो विजय ठाकुर अपने गुर्गो के साथ अमित राम को जबरन अपने गाड़ी में बिठाने लगा। इस दौरान अमित राम के पड़ौसी विनय साव ने जब स्कार्पियों का फोटो लेना चाहा, तो उसके साथ भी मारपीट की गई।

रूपये वापस लेने के लिए बनाया जा रहा था अमित पर दबाव

इस बीच विनय साव ने पचंबा थाना पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी। जिसके बाद पचंबा पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्कार्पियों समेत विजय ठाकुर को हिरासत में ले लिया। हालांकि इस दौरान अन्य लोग भागने में सफल रहे। इधर पचंबा थाना में विजय ठाकुर ने अमित राम के अपहरण के आरोप से इंकार करते हुए कहा कि वह सिर्फ अमित से रूपये वापस लेने के लिए उसपर दबाव बना रहा था। क्योंकि कुछ दिनों में उसकी बहन की शादी है।

दोनों में से किसी ने भी दर्ज नहीं कराई प्राथमिकी

घटना के दुसरे दिन मामले की जानकारी लेने पर पचंबा थाना प्रभारी शर्मानंद सिंह ने साफ तौर पर कहा कि अभी तक किसी पक्ष ने कोई आवेदन नहीं दिया है। जबकि सोमवार की रात दोनों पक्षांे के बीच मामला कुछ इस कदर भड़का हुआ था, कि दोनों पक्ष एक-दुसरे के साथ पचंबा थाना में मारपीट कर मामले को सलटाना चाहते थे। बहरहाल, कमेटी खेलने और खिलाने में जब पूरी तरह से पांबदी है तो फिर पचंबा पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है, यह सवाल उठना स्वाभाविक है।

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