सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, राम जन्म भूमि न्यास को मिली विवादित ज़मीन

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, राम जन्म भूमि न्यास को मिली विवादित ज़मीन

रामलला का दावा बरकरार, सुन्नी वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ वैकल्पिक ज़मीन देने का आदेश

 

नई दिल्ली : वर्षों के इंतज़ार के बाद आखिरकार अयोध्या मसले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया हैI मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई में पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने सुबह 10.30 बजे फैसला सुनाना शुरू कर दियाI कोर्ट ने सबसे पहले शिया वक्फ बोर्ड की याचिका खारिज कीI इसके बाद निर्मोही अखाड़ा का दावा भी खारिज किया गयाI निर्मोही अखाड़ा को सेवायत का अधिकार नहींI

 

पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने सुनाया सर्वसम्मत फैसला

बेंच ने एएसआई की रिपोर्ट को मानते हुए कहा कि बाबरी मस्जिद खाली जगह पर नहीं बनी थीI हिन्दुओं की आस्था पर कोई सवाल या विवाद नहीं कि अयोध्या में भगवान् श्रीराम का जन्म हुआ थाI मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने ही पूरा फैसला पढ़ते हुए कहा कि इस बात से भी इनकार नहीं कि वहाँ पहले मंदिर था और इस बात के भी प्रमाण नहीं कि मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई गईI मालिकाना हक़ की बात हो तो आस्था के आधार पर इसका फैसला नहीं हो सकता, इसके लिए कानून के आधार पर ही फैसला होगाI फैसला आगे पढ़ते हुए उन्होंने कहा कि मुस्लिम पक्ष ज़मीन पर अपना एकाधिकार साबित नहीं कर पाया और साथ ही वहाँ 18वीं सदी तक नमाज़ अदा करने का कोई प्रमाण नहीं हैI पर 1949 से हरेक शुक्रवार को वहाँ नमाज़ अदा की जाती थी जबकि हिन्दू सीता रसोई में पूजा करते थेI

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सर्वसम्मति से लिए गए फैसले को आगे पढ़ते हुए मुख्यन्यायाधीश न्यायाधीश ने कहा कि मुस्लिम पक्ष को वैकल्पिक ज़मीन दी जाए क्योंकि ज़मीन पर रामलला का दावा बरकरार है इसलिए सरकार इस मामले में एक ट्रस्ट का निर्माण करे और ज़मीन का अधिकार ट्रस्ट को दिया जाएI ये ट्रस्ट मंदिर निर्माण के नियम बनाएगा ज़बकि सुन्नी वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ ज़मीन दी जाए जिसका इस्तेमाल सुन्नी वक्फ बोर्ड करेगाI

 

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