बच्चों को भाजपा की टोपी पहनाने के मामले में पचंबा थाना में प्राथमिकी दर्ज

बच्चों को भाजपा की टोपी पहनाने के मामले में पचंबा थाना में प्राथमिकी दर्ज

बाल कल्याण समिति के पत्र पर अज्ञात लोगों पर दर्ज हुई प्राथमिकी

 

मनोज पिंटू / नफीस अजहर

 

गिरिडीहः याद ही होगा आपको सूबे के सीएम रघुवर दास का गिरिडीह शहर में पूरे तामझाम के साथ किया गया रोड शो। और रोड शो के दौरान सीएम पर पुष्पवर्षा और स्वागत के लिए लाईन में खड़ी स्कूली छात्राओं की भीड़। जिनके गले में भाजपा का अंगवस्त्र और सिर पर टोपी तक पहना दी गई थी। करीब एक सप्ताह की जांच के बाद भी बाल कल्याण समिति मामले के आरोपियों की पहचान नहीं कर पाई। लिहाजा, डीसी राहुल सिन्हा के निर्देश पर बाल कल्याण समिति गिरिडीह के अध्यक्ष बिमल यादव ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। पचंबा थाना में दर्ज थाना कांड संख्या 147/19 में अध्यक्ष ने अज्ञात लोगों पर स्कूली छात्रों को भाजपा की टोपी और अंगवस्त्र पहनाने का आरोपी बनाते हुए केस दर्ज कराया। जबकि डीसी राहुल सिन्हा ने समिति के अध्यक्ष को साफ तौर पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। जिला गोपनीय शाखा से जारी पंत्राक संख्या 1196 में डीसी ने साफ तौर पर भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील अग्रवाल का जिक्र करते हुए भाजपा अध्यक्ष को किए गए शोकाज के जवाब के आधार पर समिति के अध्यक्ष को केस दर्ज कराने का निर्देश दिया था। यही नही बाल कल्याण समिति उन तमाम स्कूल प्रबंधकों के खिलाफ भी कार्रवाई करना भूल गई, जिनके छात्रों को टोपी और अंगवस्त्र पहनाकर रोड शो में खड़ा किया गया था।

 

सीधी नजर देखें सिटी केबल के 277 नम्बर और हमारे  youtube चैनल पर

 

डीसी ने आरोपियों के खिलाफ दिया था कार्रवाई का निर्देश

डीसी ने आरोपियों के खिलाफ दिया था कार्रवाई का निर्देश

बहरहाल, अज्ञात लोगों पर केस दर्ज कराकर अब बाल कल्याण समिति खुद घिरती नजर आ रही है आखिर क्या वजह है कि सीएम के रोड शो में स्कूली छात्रों को पार्टी की टोपी और अंगवस्त्र पहनाए जाने के बावजूद बाल अधिकारों के हनन की दुहाई देने वाले सरकार की संस्था बाल कल्याण समिति ने प्राथमिकी में किसी को नामजद नहीं किया।

इधर जब समिति के अध्यक्ष बिमल यादव से अज्ञात लोगों पर केस दर्ज करने की वजह पूछी गई, तो बिमल यादव का कहना था कि डीसी के निर्देश पर जांच टीम बनी। जिसमें बाल कल्याण समिति से चार सदस्यों के अलावे बाल संरक्षण इकाई के दो सदस्य शामिल थे। एक सप्ताह तक चले जांच के दौरान और डीसी द्वारा जिन स्कूल प्रबंधन को शोकाज किया गया था, उसमें कार्मेल स्कूल हिंदी मीडियम के साथ सर जेसी बोस गर्ल्स हाई स्कूल और आरके महिला कालेज के प्रशासक की ओर से अलग-अलग तर्क दिया गया है। कोई कुछ नहीं बता रहा कि आखिर किन लोगों ने स्कूल के बच्चों को सीएम के स्वागत और पुष्पवर्षा के लिए भाजपा की टोपी पहनाकर लाईन में खड़ा कराया था? या फिर तीनों स्कूल और महिला काॅलेज की छात्राएं किसके कहने पर लाईन में खड़ी थी। लिहाजा, बाल कल्याण समिति द्वारा की गई जांच और कार्रवाई भी अब खुद सवालों के घेरे में है।

 

ख़बरों से अपडेट रहने के लिए जुड़े हमारे व्हाट्सएप ग्रुप एवं  फेसबुक पेज से….