विस्फोटक और हथियार के साथ दो हार्डकोर नक्सली चढ़े पुलिस के हत्थे

विस्फोटक और हथियार के साथ दो हार्डकोर नक्सली चढ़े पुलिस के हत्थे

जोनल कमांडर सिद्धु कोड़ा दस्ते को राशन-पानी पहुंचाता था गिरफ्तार नक्सली

गिरिडीह। गिरिडीह-जमुई के सीमावर्ती क्षेत्र से भेलवाघाटी सीआरपीएफ और पुलिस के हत्थे चढ़ा नक्सली प्रेम सोरेन और सुनील हेम्ब्रम जमुई के जोनल कमांडर सिद्धु कोड़ा दस्ते का सदस्य है। पुलिस व सीआरपीएफ ने दोनों माओवादियों को विष्फोटक के अलावे एक देसी कट्टा के साथ गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार प्रेम और सुनील आपस में रिश्ते के भाई भी है। जो कई सालों से सिद्धु कोड़ा दस्ते के सदस्य के रुप में जुड़े हुए थे। हार्डकोर नक्सली सुनील हेम्ब्रम सिद्धु कोड़ा को गिरिडीह पुलिस की गतिविधियों की जानकारी दिया करता था।

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सिद्धुकोड़ा के साथ बैठक कर लौट रहे थे दोनों

सर्च आॅपरेशन टीम ने दोनों माओवादियों के पास से एक देसी कट्टा के साथ पांच रांउड कारतूस, 54 रांउड जिंदा कारतूस, सात पीस डेटोनेटर, 13 मीटर कोडेक वाॅयर, 18 मीटर फ्यूज वाॅयर, सवा किलो विस्फोटक के साथ एक बाईक भी बरामद किया है। सर्च आॅपरेशन टीम के हत्थे चढ़ने के बाद दोनों माओवादियों ने कबूला कि वह लोग भेलवाघाटी व जमुई के इलाके के जंगल में सिद्धु कोड़ा के साथ बैठक कर लौट रहे थे। हालांकि सर्च आॅपरेशन टीम के हत्थे चढ़े माओवादियों के खिलाफ गिरिडीह में कोई बड़ा नक्सली केस तो दर्ज नहीं है। लेकिन जमुई में दोनों के खिलाफ नक्सली कांड में केस दर्ज होने की बात कही जा रही है। जिसका पता लगाने में भेलवाघाटी पुलिस जुटी हुई है।

पूछताछ के लिए दोनों माओवादियों को भेलवाघाटी पुलिस लेगी रिमांड पर

इधर शुक्रवार को दोनों की हुई गिरफ्तारी के बाद रविवार को गिरिडीह के देवरी थाना में प्रेसवार्ता कर एसडीपीओ राजीव कुमार और सीआरपीएफ के सहायक कमांडेट अजय कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर एलआरपी के दौरान जमुई के चकाई थाना क्षेत्र के राजाडुमर गांव निवासी प्रेम सौरेन और चकाई के राखवा टोला निवासी सुनील हेम्ब्रम को सीआरपीएफ व पुलिस ने गिरिडीह-जमुई के सीमावर्ती इलाका और भेलवाघाटी थाना क्षेत्र के सलैयाटांड़ स्थित एक स्कूल के समीप से दबोचा गया है। बताया कि प्रेम सौरेन सिद्धु कोड़ा दस्ते का सदस्य मात्र है। जबकि सुनील सौरेन की पहचान गिरिडीह-जमुई में एक हार्डकोर माओवादी के रुप में है। कहा कि भेलवाघाटी पुलिस दोनों को पूछताछ के लिए कोर्ट से रिमांड पर लेगी।

सिद्धु कोड़ा दस्ते को रशद और पानी सप्लाय करता था दोनों

पुलिस सूत्रों की मानें तो सिद्धु कोड़ा दस्ते को दोनों माओवादी रशद और पानी सप्लाॅय करते रहे है। इसके लिए सिद्धु कोड़ा दस्ता द्वारा दोनों माओवादी को राशि का भुगतान किया जाता है। पुलिस सूत्र यह भी बता रहे है कि यही नही सिद्धु कोड़ा खुद सुनील सोरेन के संपर्क में रहकर गिरिडीह पुलिस की गतिविधियों की जानकारी लेता था। इसके बाद सिद्धु कोड़ा अपने दस्ते के साथ जमुई के सीमावर्ती गांव से गिरिडीह के भेलवाघाटी इंट्री करता रहा है। वैसे दोनों माओवादियों द्वारा सिद्धु कोड़ा के इशारे पर एक बड़े ठेकेदार से लेवी की वसूली की बात भी सामने आई है। हालांकि अभी ठेकेदार के नाम का खुलासा नहीं हो पाया है। प्रेसवार्ता में भेलवाघाटी थाना प्रभारी मो. जलालुद्ीन और एसआई प्रमोद प्रसाद भी मौजूद थे।

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