सर जेसी बोस विद्यालय में शिक्षक-अभिभावक दिवस समारोह संपन्न

सर जेसी बोस विद्यालय में शिक्षक-अभिभावक दिवस समारोह संपन्न

गिरिडीहः स्कूली शिक्षा एंव साक्षरता विभाग के तत्वावधान में शुक्रवार को सर जेसी बोस बालिका उच्च विद्यालय के सभागार में शिक्षक-अभिभावक दिवस समारोह संपन्न हुआ। समारोह का उदघाटन नगर निगम के मेयर सुनील पासवान, डिप्टी मेयर प्रकाश राम व विद्यालय के प्राचार्य देवेन्द्र प्रसाद सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया। उदघाटन की औपचारिकता के बाद स्कूली बच्चियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम व जागरूकता गीत की प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। संथाली गीत पर बच्च्यिों के पांवों की थिरकन व जागरूकता गीत के माध्यम से पढ़ाई से वंचित बालिकाओं की गुहार ने खूब तालियां बटोरी।

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अव्वल छात्राओं को मेयर व डिप्टी मेयर ने किया पुरस्कृत

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स्वच्छता पर चर्चा के दौरान छात्राओं ने समाज को “जहां रहती है साफ सफाई, वहां होती है बेहतर पढ़ाई” का संदेश दिया। समारोह में बोर्ड की परीक्षा में अव्वल आने वाली छात्राओं को मेयर व डिप्टी मेयर के हाथों पुरस्कृत किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए पासवान व राम ने सरकार के इस प्रयास की सराहना की। नेता द्वय ने कहा कि छात्राओं को नियमित रूप से विद्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी चाहिए। कहा कि पढ़ेगी बेटियां तभी विकसित समाज की सोच जमीनी हकीकत लेगी।

अभिभावकों की कम उपस्थिति पर प्राचार्य की खरी-खरी

सर जेसी बोस विद्यालय में शिक्षक-अभिभावक दिवस समारोह संपन्न

 

समारोह में अभिभावकों की कम उपस्थिति पर प्राचार्य देवेन्द्र प्रसाद सिंह ने उन्हें खूब खरी-खरी सुनाई। कहा कि ऐसे समारोह में अभिभावकों से भी अपेक्षा होती है, कहा कि शिक्षक और अभिभावक की सहभागिता के बगैर बच्चियों में बेहतर शिक्षा की कल्पना नही की जा सकती है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में दो हजार से अधिक छात्राएं है और समारोह में सौ अभिभावक भी मौजूद नही है। सिंह ने कहा कि विद्यालय में सात सौ के करीब अप्ल्संख्यक बच्च्यिां है और एक भी अभिभावक मौजूद नही है। ऐसी स्थिति में शिक्षा में क्वालिटी कहां से आएगी।

शिक्षा के चार स्तंभ

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मन में छिपी भावनाओं को प्राचार्य ने खुलकर बयां किया कहा कि शिक्षा के चार स्तंभ होते है। शिक्षा ग्रहण करने वाला, शिक्षा देने वाला, अभिभावकों का उत्साह व इन्फ्रास्ट्रक्चर पर इनमें अभिभावकों का उत्साह सबसे बड़ी चीज है। सिंह ने कहा कि अधिकतर अभिभावक बच्चियों का नामाकंन करा अपना दायित्व भूल जाते है। उन्होंने अभिभावकों से आहवान किया कि सेल्फ शिक्षा से बेहतर कुछ भी नही, कहा कि जिन कमरों में रात में बल्व नही जलता, उन कमरो में पढ़ने वाले छात्र को दुनिया की कोई ताकत नही सुधार सकती। उन्होंने कहा कि बच्चियों को अंडर स्टीमेट न करें, उन्हें खुलकर जीने दें। कार्यक्रम में मंच संचालन विद्यालय के शिक्षक मुन्ना कुशवाहा ने किया।

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