नाजायज संबध में राजस्व कर्मी की हत्या का मामला गिरिडीह में नया नहीं

नाजायज संबध में राजस्व कर्मी की हत्या का मामला गिरिडीह में नया नहीं

कुछ साल पहले भी सदर अंचल के कर्मी रामचन्द्र की हो चुकी है हत्या

बिहार के बांका में मिला था शव, चैताडीह की किसी महिला से था नाजायज संबध

मनोज कुमार पिंटूः

गिरिडीह। कथित तौर पर नाजायज संबध को लेकर मौत के घाट उतारे गए बिरनी के रिटायर्ड सीआई अलीबख्श की हत्या को लेकर गिरिडीह की पंचबा पुलिस कई बिंदुओं पर जांच में जुटी हुई है। परिजनों के आरोप के बाद इस हत्याकांड में पचंबा पुलिस ने बोड़ो से ही मां-बेटे को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। बताया जाता है कि इसी महिला के साथ मृतक अलीबख्श का नाजायज संबध था। लेकिन अलीबख्श हत्या को लेकर जिन बिंदुओ पर पुलिस जांच में जुटी हुई है। उन बिंदुओ के आधार पर कई और संदिग्ध पुलिस की रडार पर हैं।

अनुसन्धान में जुटी पुलिस

वैसे हत्या के चंद घंटो बाद पुलिस को कुछ सबूत मिलने की बात भी सामने आ रही है, जिसका खुलासा पुलिस जल्द कर सकती है। बहरहाल, पुलिस अनुसंधान में क्या निकल कर सामने आता है, यह तो भविष्य के गर्भ में है, लेकिन नाजायज संबध के मामले में गिरिडीह में किसी राजस्व कर्मी की हत्या का यह कोई नया मामला नहीं है।

पूर्व में भी हो चुकी है एक अन्य राजस्व कर्मी की हत्या

इससे पहले भी कुछ वर्षों पूर्व नाजायज संबध के मामले में गिरिडीह सदर अचंल के राजस्व कर्मी रामचन्द्र यादव की हत्या हो चुकी है। हालांकि रामचन्द्र यादव के हत्या के पीछे शामिल लोगों और हत्या की वजह का खुलासा अब तक नहीं हो पाया। क्योंकि रामचन्द्र यादव का शव कुछ साल पहले बिहार के बांका पुलिस को नदी के किनारे गड्ढे में मिला था। उस वक्त भी रामचन्द्र यादव की हत्या के पीछे नाजायज संबध का मामला ही सामने आया था। फर्क सिर्फ इतना था, राजस्व कर्मी रामचन्द्र की हत्या बिहार के बांका में होने के कारण अब तक मामले का खुलासा नहीं हो सका है। गौरतलब है कि रामचन्द्र यादव भी गिरिडीह के सदर अचंल के शहरी क्षेत्र में ही पोस्टेड थे। सूत्रों की मानें तो उनका संबध मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के चैताडीह की एक महिला से था। जो रामचन्द्र यादव की हत्या का कारण बना।

पत्नी ने किया था परिवाद पत्र दायर

वहीं सालों बाद बिरनी के सेवानिवृत सीआई सह राजस्व कर्मी अलीबख्श की हत्या नाजायज संबध के कारण होने के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में है। पुलिस सूत्रों की मानें तो अलीबख्श के संपर्क में बोड़ो की महिला करीब 8-10 सालों से थी। सुनीता देवी से नाजायज संबध होने के कारण ही अलीबख्श ने घर में वेतन के पैसे देना बंद कर दिया था। इस बात को लेकर पत्नी मैहरु निशां ने सदर अचंल के तत्कालीन सीओ धीरज ठाकुर को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई थी। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने पति के खिलाफ गिरिडीह कोर्ट में परिवाद पत्र भी दायर कर रखा था।

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