किताबों की जगह नन्हें हाथों में बोझ, स्कूली बच्चे उठाते हैं चावल की बोरी और सिलेंडर

किताबों की जगह नन्हें हाथों में बोझ, स्कूली बच्चे उठाते हैं चावल की बोरी और सिलेंडर

मध्यान्ह भोजन के लिए बच्चे मजदूरी करने को विवश

बेंगाबाद(गिरिडीह)। जिन हाथों में किताबें और कलम देकर माँ बाप बच्चों को स्कूल भेजते हैं, उन्हीं हाथों में स्कूल की शिक्षिका द्वारा बच्चों के खुद के वजन के बराबर का बोझ ढुलवाया जाता है। बच्चों के हाथों में कलम और किताबों की जगह कभी गैस का भरा सिलेंडर तो कभी चावल का भरा बोरा थमा दिया जाता है। जो बच्चे खुद ठीक से अपना बोझ संभालने के लायक नहीं हुए हैं, उनसे ये बोझ उठाकर स्कूल पहुंचाने का फरमान जारी कर दिया जाता है। ये कहानी है बेंगाबाद प्रखण्ड अंतर्गत सोनबाद पंचायत के महदैय्या स्थित प्राथमिक विद्यालय की। यह नजारा शनिवार का है जब बच्चे अपनी नन्हें हाथों से गैस का भरा सिलेंडर उठाकर स्कूल ले जा रहे हैं।

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शिक्षिका करती है हिटलरशाही- ग्रामीण

शिक्षिका करती है हिटलरशाही- ग्रामीण

स्थानीय लोगों की माने तो स्कूल में पदस्थापित शिक्षिका द्वारा अक्सर बच्चों से इस तरह का कार्य कराया जाता है। कभी चावल की भरी बोरी तो कभी गैस का भरा सिलेंडर बच्चों को ही उठाना पड़ता है। इस बात को लेकर अभिभावकों में काफी नाराज़गी भी है और इसकी शिकायत भी सम्बंधित महकमा से की जा चुकी है। मगर अब तक कोई फलाफल नहीं निकला। इतना ही नहीं विद्यालय में ना तो पठन पाठन की परवाह की जाती है और ना ही मध्याह्न भोजन ही ढंग से बच्चों को दिया जाता है।

 

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल में पदस्थापित शिक्षिका लंबे समय से यहाँ बिराजमान हैं। इसलिए वह किसी की नहीं सुनती। शिकायत करने पर वह उल्टा गांव वालों को ही धमका कर भेज देती हैं। लोगों ने बताया कि बच्चे स्कूल शिक्षा हासिल करने जाते हैं मगर पढ़ाई लिखाई तो होती नहीं उल्टा बच्चों के इधर उधर का काम लिया जाता है। जिससे बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है और इसकी सूध लेने वाला कोई नहीं है।

 

पूर्व में हो चुकी है शिकायतों की जांच

 

बताते चलें कि महदैय्या प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका की मनमानी और हिटलरशाही के खिलाफ अभिभावकों ने बीईईओ कार्यालय बेंगाबाद में शिकायत भी की थी। शिकायत के बाद जांच टीम द्वारा शिकायतों की जांच भी हुई थी, मगर स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ। शिक्षिका अपनी मनमानी पर अडिग है और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ जारी है।

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