मिशन चद्रंयान-2 मिशन में शामिल गिरिडीह का लाल

मिशन चद्रंयान-2 मिशन में शामिल गिरिडीह का लाल

अक्षय जैन समेत 10 जूनियर वैज्ञानिक संभाल रहे है चंद्रयान के फ्यूएल टैंकर का तापमान

मनोज कुमार पिंटू

गिरिडीह। मिशन मून के सफर में निकला मिशन चद्रंयान-2 का अंतिम पड़ाव शुक्रवार की मध्य रात्रि को सफलता के साथ पूरा होना तय माना जा रहा है। भारतीय अतंरिक्ष अनुसंधान केन्द्र इसरो के वैज्ञानिक मिशन की सफलता के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे है। वहीं मिशन चद्रंयान-2 को सफल करने में ही गिरिडीह के युवा वैज्ञानिक अक्षय जैन ने भी महत्पूर्ण भूमिका निभाया है। ऐसे में गिरिडीह के अक्षय जैन भी काफी उत्सुक है। जिस मिशन पर इसरो के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने उसके साथ उसकी टीम में 10 युवा जूनियर वैज्ञानिकों को लगाया गया जिसमें वह सफल रहे।

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मध्यरात्रि में जीएसएलवी में लाॅच करेगा चन्द्रयान-2

दरअसल, चद्रंयान-2 के फ्यूएल टैंकर का तापमान गिरिडीह के अक्षय जैन समेत 10 युवा वैज्ञानिकों ने ही संभाल रखा था। जिससे लांचिग के दौरान फ्यूएल टैंकर को कोई नुकसान नहीं पहुंचे। शुक्रवार को चद्रंयान-2 जब चद्रंमा के दक्षिणी ध्रुव के सतह पर लैंड करेंगा, तो सुरक्षित लैंडिग ही काफी महत्पूर्ण माना जा रहा है। इधर मिशन में शामिल शहर के बड़ा चैक निवासी अक्षय जैन ने सीधी नजर से अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस बार चद्रंयान-2 को जीएसएलवी में लांच किया गया। जिसमें शुक्रवार की मध्य रात्रि चद्रंयान-2 का विक्रम लैंडर चंद्रमा के सतह पर लैंड करेंगा।

इसरो केन्द्र में एसडी श्रेणी के वैज्ञानिक है अक्षय

लैंड करने के साथ ही विक्रम लैंडर का रोडर बाहर निकलेगा। जो चंद्रमा की तस्वीरों को इसरो को भेजेगा, कि चांद पर मानव जीवन कितना सुरक्षित है और चंद्रमा के खनिज पद्धार्थ की तस्वीर पर इसरो को भेजेगा। बड़ा चैक निवासी प्रदीप जैन के बेटे अक्षय जैन देश के आंध्र प्रदेश स्थित श्रीहरि कोटा के इसरो केन्द्र में एसडी श्रेणी के वैज्ञानिक है। शहर के युवा वैज्ञानिक अक्षय जैन भी शुक्रवार की मध्य रात्रि चंद्रयान-2 के सफल लैंडिग के दौरान पीएम मोदी के साथ मौजूद रह सकते है। वैसे इसरो के सीनियर वैज्ञानिकों के निर्देश पर सारे वैज्ञानिकों की गतिविधी होगी।

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