ओबीसी मोर्चा ने मनाई मंडल आयोग के रचायिता बीपी मंडल की 101वीं जयंती
झारखंड

ओबीसी मोर्चा ने मनाई मंडल आयोग के रचायिता बीपी मंडल की 101वीं जयंती

ओबीसी समुदाय को एकजूट होने का किया गया आहवान

रांची। राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा के तत्वाधान में मंडल आयोग के रचयिता स्वर्गीय बीपी मंडल की 101वी जयंती हरमू स्थित पटेल भवन में समारोहपूर्वक मनाई गई। समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि डब्ल्यूसीएल एसईसीएल के सेवानिवृत्त निदेशक जेएन सिंह, रांची यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति बीएन यादव, समारोह की अध्यक्षता कर रहे मोर्चा के अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता, चौरसिया वैश्य समाज के प्रदेश अध्यक्ष संजय चौरसिया, कार्यक्रम का संचालन कर रहे कुर्मी क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय प्रचार-प्रसार मंत्री डॉ धनंजय कुमार ने संयुक्त रूप से मंडल जी के तस्वीर पर माल्यार्पण कर व दीप प्रज्वलित कर किया।

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नहीं दिख रही ओबीसी जातियों में पहले की भांति राजनीतिक चेतना: डीएन यादव

ओबीसी मोर्चा ने मनाई मंडल आयोग के रचायिता बीपी मंडल की 101वीं जयंती

उद्घाटन भाषण देते हुए कुलाधिपति डीएन यादव ने कहा कि 1980 के दशक तक ओबीसी जातियों में जो सामाजिक और राजनीतिक चेतना थी। वैसी चेतना अब 21वीं  सदी की ओबीसी जातियों में देखने को नहीं मिलती है। कहा कि 1980 के दशक तक पिछड़ों में स्कूली शिक्षा कम थी। उनके पास संचार और संवाद के संसाधन नहीं थे। लेकिन आज की पीढ़ी आधुनिकतम संचार साधनों से लैस है, बावजूद इसके राजनीतिक चेतना लगभग शून्य है। इसका मूल कारण है कि आज कल संचार संसाधनों फेसबुक व्हाट्सएप ट्विटर को ही असली दुनिया मान बैठे हैं।

भारत के मंडेला थे बीपी मंडल: जेएन सिंह

मुख्य अतिथि अवकाश प्राप्त निदेशक डब्ल्यूसीएल एसईसीएल जे एन सिंह ने कहा कि स्व बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल को भारत का मंडेला कहा जाता है क्योंकि जिस प्रकार से दक्षिण अफ्रीका में नेलसन मंडेला नस्लभेद के विरोध में जंग लड़े उसी तरह बीपी मंडल ने भी भारत में वर्ग विशेष पर अन्याय के विरोध में आंदोलन किया। कहा कि स्व बीपी मंडल ने वर्ग वाद पैदा कर ओबीसी समुदाय को एकता के सूत्र में पिरोया। जिससे पिछड़े वर्गों में राजनीतिक चेतना जगी। लेकिन वर्तमान में वर्ग वाद की जगह जातिवाद सबसे ऊपर हो गया है। जो एक दीमक की तरह वर्गवाद के विचारों को धूमिल कर दिया। परिणाम स्वरूप वर्तमान समय में वर्ग वाद की लड़ाई विलुप्ती के कगार पर पहुंच गई है।

वर्ग वाद की लड़ाई छोड जातिवाद में व्यस्त है सभी लोग: राजेश गुप्ता

राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने कहा कि झारखंड में ओबीसी समुदाय से आने वाले विभिन्न उप जाति वर्ग वाद की लड़ाई छोड़कर जातिवाद मजबूत करने में लगे हैं। जिसका परिणाम है कि सरकार ओबीसी के हक अधिकार देने में कोताही कर रही है। ओबीसी समुदाय में जब हम जातिवाद की भावना रखते हैं तो हम कमजोर हो जाते हैं और जैसे ही जातिवाद को छोड़कर वर्ग वाद की सोच रखते हैं तो हमें राजनैतिक सामाजिक अधिकार प्राप्त होंगे। उन्होंने सरकार से अपील करते हुए कहा कि वह सर्वेक्षण की ढकोसला को छोड़कर ओबीसी समुदाय को 52 प्रतिशत आरक्षण झारखंड में लागू करें।

सभी जाति के लोगों को एक मंच पर आने की जरूरत: रितेश निषाद

झारखंड निषाद विकास संघ के. केंद्रीय प्रधान महासचिव श्री रितेश निषाद जी ने अपने वक्ताओं में यह कहा कि जब स्वर्ण 15 प्रतिशत होकर दस प्रतिशत का आरक्षण ले सकते हैं, तो 52 प्रतिशत वाले ओबीसी 52 प्रतिशत आरक्षण क्यों नहीं ले सकते। कहा कि आज मंच से सभी को यह प्रण लेने की जरूरत है कि सभी जातियों के नेतृत्वकर्ता एक मंच पर आकर के शत् प्रतिशत आरक्षण का लाभ लेने के लिए एक जूट हो।

कई समाज के पदाधिकारियों ने किया संबोधित

कार्यक्रम को झारखंड कौमी तहरीक के अध्यक्ष आजम अहमद ने कहा अल्पसंख्यक समाज से आने वाले मुसलमान समाज भी पिछड़ों की लड़ाई में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेगी। ओबीसी समुदाय अब सिर्फ हिंदू नहीं बल्कि मुसलमान समाज में भी आता है। जहां जरूरत होगी तन मन धन के साथ है। कार्यक्रम को हाईकोर्ट के अधिवक्ता और यादव महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक यादव, विश्वकर्मा समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ दिलीप सोनी, राष्ट्रीय नाई महासभा के प्रदेश अध्यक्ष सीके ठाकुर, अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन के राष्ट्रीय मंत्री व झारखंड प्रभारी डॉ विजय प्रकाश, रौनियार महासभा के सचिव लक्ष्मी गुप्ता, अखिल भारतीय मध्य देशीय वैश्य महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव रंजन सहित कई लोगों ने संबोधित किया।

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