मंराग बुरु सांवता सुसार बेसी ने गिरिडीह में मनाया विश्व आदिवासी दिवस

मंराग बुरु सांवता सुसार बेसी ने गिरिडीह में मनाया विश्व आदिवासी दिवस

दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य अपनी सभ्यता और संस्कृति से रूबरू होना: एसडीएम

गिरिडीह। मंराड बुरु सांवता सुसार बेसी के तत्वाधान में शुक्रवार को अन्र्तराष्ट्रीय आदिवासी दिवस की धूम रही। सदर प्रखंड के सिहोडीह-सिरसिया स्थित सिद्धी विनायक में आयोजित आदिवासी दिवस की शुरुआत सिद्धु-कान्हु और भगवान बिरसा मुंडा की मूर्ति पर माल्यार्पण कर और दीप जलाकर की गई। इस दौरान अतिथियों का स्वागत समुदाय के युवक-युवतियों ने पांरपरिक रुप से पांव धोकर किया। मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुती करते हुए समुदाय के युवक-युवतियों ने सामूहिक रुप से पांरपरिक गीतों पर नृत्य पेश किया।

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शिक्षा से खुद को जोड़े युवा वर्ग

मंराग बुरु सांवता सुसार बेसी ने गिरिडीह में मनाया विश्व आदिवासी दिवस

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डुमरी एसडीएम प्रेमलता मुर्मु ने कहा कि हर साल आदिवासी दिवस का आयोजन होता है। दिवस को मनाने का उद्देश्य समाज में एकजुटता लाना है। जिससे समाज की महिलाएं और युवा वर्ग आदिवासी समाज के प्राचीन संस्कृति से खुद को जोड़ सकें। क्योंकि आदिवासी समाज की पहचान ही प्राचीन संस्कृति से जुड़ी हुई है। एसडीएम ने कहा कि शिक्षा और संस्कृति ही आदिवासी समाज के युवाओं को उनके मुकाम तक पहुंचाने में योगदान देंगी। ऐसे में युवा वर्ग शिक्षा से खुद को जोड़े, और सफलता को छूने का प्रयास करें। इस बीच महोत्सव को झामुमो नेत्री कर्मिला टुडु ने भी संबोधित की।

बेहतर कार्य के लिए सम्मानित हुए युवा

महोत्सव में समुदाय के कुछ आदिवासी युवाओं को उनके बेहतर कार्य के लिए सम्मानित किया गया। वहीं कार्यक्रम को सफल बनाने में सिंकदर हेम्ब्रम, नुनका टुडु, विष्णु किस्कू, दशरथ किस्कू, अर्जुन हेम्ब्रम, जाॅन मुर्मु और नुनूलाल ने महत्पूर्ण भूमिका निभाया।

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