मुआवजे को लेकर डीसी से मिले माले के पूर्व विधायक
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मुआवजे को लेकर डीसी से मिले माले के पूर्व विधायक

मुआवजे में एकरूपता व पारदर्शिता की मांग

 

गिरिडीह। जीटी रोड चौड़ीकरण मामले में मुआवजे की मांग को लेकर माले के पूर्व विधायक विनोद सिंह के नेतृत्व में मंगलवार को माले का एक शिष्टमंडल डीसी से मिला। टीम में पूर्व विधायक के अलावा माले राज्य कमेटी सदस्य राजेश यादव, किसान महासभा नेता पूरन महतो व गिरिडीह विस प्रभारी राजेश सिन्हा शामिल थे। सिंह ने डीसी से कहा की कि भू-स्वामियों को आवासीय जमीन के बदले कृषि भूमि बोलकर मुआवजा दिया जाना गलत है। कहा कि कई ऐसे है जिन्हें आवासीय भूमि का उचित मुआवजा मिल चुका है, कहा कि बाकी को भी इसी प्रकार का मुआवजा दिया जाये।

 

एक देश एक विधान की बात अमल में नहीं ला रही सरकार

 

पूर्व विधायक की मांग को डीसी ने गंभीरता से लिया। डीसी ने उन्हें आश्वस्त किया कि किसी के साथ अन्याय नहीं होगा। डीसी से मिलकर आए पूर्व विधायक ने बाद में स्थानीय परिसदन में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भाजपा की सरकार एक देश एक विधान की बात तो करती है पर इसे अमल में नही लाती। कहा कि अलग-अलग राज्यों में मुआवजे का भुगतान अलग-अलग किया जा रहा है।

 

मुआवजा व पुनर्वास को लेकर बने नियम का नहीं हो रहा है पालन

 

उन्होंने कहा कि मुआवजा व पुर्नवास को लेकर 2013 में बनाए गए नियम का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। कहा कि लोगों को पता ही नही चलता कि मिल रही मुआवजा की राशि किस-किस मद की है। पूर्व विधायक ने कहा कि एक चापानल लगाने में पचास हजार की राशि खर्च होती है पर मुआवजा दस से बारह हजार दी जा रही है। इससे सरकार द्वारा बनायी गई नियम की धज्जियां उड़ रही है। उन्होंने कहा कि जीटी रोड चौड़ीकरण मामले में प्रभावित हो रहे भू-स्वामियों को पारदर्शिता के साथ पर्याप्त मुआवजा दियाजाये। अन्यथा लोगों के साथ माले आंदोलन को बाध्य होंगे।

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