शिवम स्टील कंपनी समूह में आयकर की छापेमारी खत्म, करोड़ों की बेनामी संपत्ति का खुलासा

शिवम स्टील कंपनी समूह में आयकर की छापेमारी खत्म, करोड़ों की बेनामी संपत्ति का खुलासा

कार्रवाई के बाद कंपनी के निदेशक भाईयों ने खुद स्वीकारी 150 करोड़ टैक्स की चोरी

 

मनोज कुमार पिंटू

गिरिडीह। गिरिडीह के शिवम स्टील कंपनी समूह के कोलकाता, दुर्गापुर, रानीगंज के 30 ठिकानों पर बीते तीन दिनों से चल रही आयकर विभाग की छापेमारी शुक्रवार देर शाम खत्म हुई। जबकि कोलकाता और रानीगंज के कार्यालय व कारखानों में शुक्रवार शाम तक छापेमारी जारी रहने की बात कही जा रही है। हालांकि तीसरे दिन शुक्रवार को ही शिवम स्टील कंपनी के एक बड़े ट्रेडर के यहां भी कोलकाता आयकर विभाग के अधिकारियों ने छापेमारी की।

डेढ़ करोड़ नगद व करीब एक करोड़ के जेवरात को आयकर विभाग ने किया जब्त

तीन दिनों तक चली छापेमारी की कार्रवाई में दो सौ करोड़ से अधिक की बेनामी संपत्ति का खुलासा होने की बात सामने आई है। अधिकारियों की माने तो 150 करोड़ के टैक्स चोरी की बात खुद कंपनी के निदेशक भाईयों विनोद अग्रवाल और प्रमोद अग्रवाल ने स्वीकारी है। तीन दिनों की कार्रवाई के दौरान आयकर अधिकारियों ने डेढ़ करोड़ नगद और करीब एक करोड़ के जेवरात जब्त कर उन्हें अपने साथ कोलकाता साथ ले गए। कार्रवाई के दौरान कंपनी के कारखानों समेत गिरिडीह, कोलकाता और रानीगंज स्थित कार्यालय से तमाम दस्तावेजों को भी जब्त किया गया है। साथ ही कंपनी के कार्यालय और आवास से दर्जन भर से अधिक पासबुक जब्त किए जाने की बात भी कही जा रही है।

 

खंगाले जायेंगे कंपनी के सात सालों के फाइल

खंगाले जायेंगे कंपनी के सात सालों के फाइल

छापेमारी की इतनी बड़ी कार्रवाई का खुलासा करने में अंतिम दिन विभागीय अधिकारियों ने शिवम स्टील कंपनी के जितने घालमेल और टैक्स चोरी का पर्दाफाश किया, उससे यही साबित हो रहा है कि गिरिडीह के  शिवम स्टील ने बीते 12 सालों में अकूत बेनामी संपति अर्जित कर रखी थी। लिहाजा, अब आयकर विभाग एक साथ सात सालों के फाईलों को खंगालने की तैयारी में जुट चुका है। इसकी पुष्टि भी कोलकाता आयकर विभाग के एक बड़े अधिकारी ने की है।

 

कैश व कच्चे कागज पर होती थी खरीद बिक्री

 

तीन दिनों की छापेमारी में जो तथ्य निकल कर सामने आए हैं, तथ्यों की मानें तो शिवम स्टील कंपनी सप्लायरों से जितने रा मैटेरियल की खरीदारी करता था, वह सारा कैश और कच्चे कागजों पर किया जाता था। लिहाजा, इसी बड़ी गड़बड़ी के कारण आयकर अधिकारियों ने अंतिम दिन कंपनी के गिरिडीह स्थित एक बड़े ट्रैडर्स के यहां भी छापेमारी की। सप्लायरों से कैश और कच्चे कागजों पर रा मैटेरियल की खरीदारी करने के साथ रा मैटेरियल से काफी हद तक तैयार स्टाक को शिवम कंपनी आउटसेल बुक अपडेट किए बगैर बेचा करता था। जिसमें टीएमटी सरिया छड़, इंगोर्ड, सील्कोमैगनीज, आयरन ओर शामिल है।

 

फर्जी कंपनियों से करोड़ों में लिया है लोन

 

कंपनी के कई आउटसेल बुक रजिस्टर को भी सील किया गया है। सील किए गए आउटसेल बुक का आंकड़ा बताने से छापेमारी में शामिल अधिकारियों में कोलकाता आयकर डीसी गीतेश कुमार और सब्या कुमारी ने इंकार कर दिया। बावजूद सूत्रों की मानें तो इन रजिस्टरों में भी बड़े पैमाने पर कंपनी के काले कारनामे दर्ज हैं । यहीं नहीं कोलकाता के जिन शेल कंपनियों से शिवम स्टील कंपनी ने कर्ज लेकर कारोबार किया है, उसकी संख्या तो सामने नहीं आई। लेकिन ऐसे शेल कंपनियों से लेनेदेन का आंकड़ा कई सौ करोड़ बताया जा रहा है। इधर कंपनी के बड़ा चौक स्थित प्रमुख कार्यालय के अलावे ताह कंपलेक्स और शहर के बाभनटोली रोड स्थित दो बड़े आलीशान भवनों में छापेमारी की कार्रवाई दोपहर बाद खत्म हुई और अधिकारियों की टीम के वाहन एक-एक कर बाहर निकलते देखे गए।

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