आयकर विभाग की छापेमारी में अब तक साढ़े चार सौ करोड़ टैक्स चोरी की संभावना

गिरिडीह के शिवम स्टील कंपनी के दो दर्जन ठिकानों पर कोलकाता आयकर विभाग की छापेमारी

शुक्रवार तक आयेगा वास्तवित आंकड़ा, आउटसेल बुक अपडेट किए बगैर कंपनी करती रही है खरीद-ब्रिकी

 

गिरिडीह। कोलकाता के फर्जी कंपनियों से कर्ज लेकर और आउटसेलबुक को अपडेट किए बगैर कंपनी चला रहे गिरिडीह के शिवम स्टील कंपनी समूह में साढ़े चार सौ करोड़ के टैक्स चोरी की संभावना गुरुवार तक जारी जांच के दौरान सामने आ रही है। हालांकि सही आंकड़ा शुक्रवार को छापेमारी की कार्रवाई खत्म होने के बाद ही सामने आ पाएगा। विनोद अग्रवाल और प्रमोद अग्रवाल शिवम स्टील कंपनी के निदेशक है। कंपनी में कई और गड़बड़ी बड़े पैमाने पर निकली है। जिसकी जांच लगातार दूसरे दिन भी चल रही है। वैसे कोलकाता आयकर विभाग के अन्वेष्ण ब्यूरो की छापेमारी लगातार अब भी जारी है।

 

घर व कार्यालय में लगाये गये सबसे अधिक अधिकारी

 

बुधवार को शिवम कंपनी के जितने ठिकानों में छापेमारी की कार्रवाई शुरु करने के साथ ही दस्तावेजों और कंप्यूटर सिस्टम को खंगालना शुरु किया गया था, जो दूसरे दिन भी जारी रहा। टीम के सबसे अधिक संख्या में अधिकारियों को बड़ा चौक स्थित कार्यालय के बाद ताह कंप्लेक्स स्थित कार्यालय, बाभनटोली रोड स्थित दो अपार्टमेंट में लगाया गया है। वहीं कंपनी के उदनाबाद स्थित सत्यम, शिवम और सुंदरम कारखानें में स्थिति यह है कि छापेमारी में शामिल अधिकारियों को एक के बाद एक कई गड़बड़ी लगातार मिल रही है।

 

12 वर्षों में आयकर विभाग की सबसे बड़ी कार्रवाई

 

बुधवार की रात ही कंपनी के बड़ा चौक स्थित कार्यालय में नोटों की गिनती की गई। इसके लिए मशीन भी लगाया गया। आयकर विभाग के कर्मियों को गिनती में लगाया गया। इसकी पुष्टि आयकर विभाग के एक बड़े अधिकारी ने करते हुए बताया कि शिवम स्टील में 12 साल बाद अगर आयकर विभाग की इतनी बड़ी कार्रवाई हुई है तो इससे समझ लें कि मामला काफी हाईप्रोफाईल है। बताया गया कि प्रत्यक्ष कर बोर्ड और भारतीय राजस्व सेवा के निर्देश पर ही अधिकारियों की टीम काफी गोपनीयता बरत रही है।

 

कई फर्जी कंपनियों से ले रखा है करोड़ों का कर्ज

 

आयकर सूत्रों की माने तो कोलकाता के फर्जी कंपनियों से शिवम स्टील कंपनी ने कई सौ करोड़ तक का कर्ज ले रखा है। जिन कंपनियों से कर्ज लिया है उसका कोई लेखा-जोखा नहीं है। यही नही शिवम ने कोलकाता के फर्जी कंपनियों से कितना कर्ज किस शर्त पर लिया है इसका भी कोई दस्तावेज कंपनी के पास मौजूद नहीं है। सिर्फ इन कंपनियों को दिए गए कुछ रकम के दस्तावेज मौजूद होने की बात कही जा रही है। इसी शिवम के निदेशक भाईयों के एक और अग्रज गोपाल अग्रवाल द्वारा ही कोलकाता में बीएसटी नामक कंपनी का संचालन किया जा रहा है। बीएसटी और शिवम कंपनी के बीच आपस में लेनदेन की बात छापेमारी की कार्रवाई में सामने आई है।

 

बड़े पैमाने पर टैक्स गड़बड़ी की बात आ रही है सामने

 

छापेमारी के दौरान शिवम कंपनी द्वारा बड़े पैमाने पर एक्साईज टैक्स में गड़बड़ी की बात कही जा रही है। इसकी पुष्टि कंपनी के दस्तावेज ही कर रहे है। लिहाजा, सूत्रों की मानें तो आयकर विभाग ने इस गड़बड़ी की जानकारी केन्द्रीय सीमा शुल्क उत्पाद विभाग को भी दी है। आयकर सूत्रों की मानें तो शिवम स्टील कंपनी को सील्कान मैगनीज, कोयला, इंगोर्ड और आयरन ओर आपूर्ति करने वाले सप्लायरों को उनके हर सप्लाय पर नगद भुगतान किए जाने की बात कही जा रही है। लिहाजा, किस सप्लायर ने कितना स्टाक कंपनी को दिया, इसका कोई अपडेट कंपनी के पास नहीं होने की बात सामने आ रही है। यही नही कंपनी द्वारा तैयार छड़ का कितना स्टाक तैयार किया गया और कितना बेचा गया, इसका दर्ज ब्यौरा जितना होना चाहिए। वह बेहद कम होने की बात सामने आई है।

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