व्यवहार न्यायालय मे हुआ राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन
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व्यवहार न्यायालय मे हुआ राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन

विभिन्न मामलों से जुड़े 434 मामलों का हुआ निष्पादन

 

गिरिडीह। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार राजेश कुमार वैश्य के मार्गदर्शन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव मनोरंजन कुमार के नेतृत्व में शनिवार को व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। मामले के निष्पादन के लिए नो बैंच का गठन किया गया। जिसमें विभिन्न मामलों से जुड़े चार सौ 34 मामलों का निष्पादन किया गया। वहीं एक करोड़ तीन लाख 51 हजार 714 रूपये राजस्व की प्राप्ति हुई।

 

सुलह के आधार पर होता है मामलों का निष्पादन: राजेश कुमार वैश्य

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार वैश्य ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी लगभग दो महीने से चल रही थी। लगातार विभिन्न विभागों से अधिक से अधिक मामले के निष्पादन के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत में भेजने का प्रयास कराया गया। कहा कि लोक अदालत में ना कोई हारता है ना कोई जीतता है। दोनों एक हो कर मामले को सुलह करा कर हंसी खुशी अपने घर वापस चले जाते हैं। पति-पत्नी का विवाद जितना लंबा चलेगा उतना ही परिवार में कटुता आएगी। हम सबों के द्वारा यह लगातार प्रयास किया जाता है कि जल्द से जल्द मामले को निष्पादित किया जा सके। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से निशुल्क अधिवक्ता दिया जाता है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के द्वारा संचालित फ्रंट कार्यालय मे भी मामलों का निष्पादन समझौता के आधार पर किया जा रहा है।

 

न्यायिक पदाधिकारियों ने की लोक अदालत की सराहना

 

उद्घाटन समारोह को प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय सुरेश चंद्र जायसवाल, जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम राम बाबू गुप्ता, जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय कुमार दिनेश, अपर समाहर्ता अशोक कुमार साहा, भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के रीजनल मैनेजर मोहम्मद इम्तियाज अंसारी, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष दुर्गा पांडेय व सचिव चुन्नू कांत ने भी संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने लोक अदालत के द्वारा मामलों को सुलझाने की प्रक्रिया की सराहना की।

 

सुदूरवर्ती इलाकों में चलाया जा रहा है जागरूकता अभियान

 

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव मनोरंजन कुमार ने बताया की जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से लगातार सुदूरवर्ती क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम तथा अन्य कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। जिनसे लोगों को लाभ मिल रहा है। कहा कि हमारा यह प्रयास रहता है की किसी भी प्रकार के मामले के लिए आवेदन जिला विधिक सेवा प्राधिकार में दे सकते हैं कि जल्द से जल्द उस पर कार्रवाई पूर्ण कर समझौता का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम में सभी न्यायिक दंडाधिकारी, कर्मचारी, पीएलबी, पक्षकार उपस्थित थे।

 

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