10वें दिन भी चानक में नहीं मिला सुरक्षा प्रभारी का कोई सुराग
गिरिडीह झारखंड टॉप-न्यूज़

9वें दिन भी चानक में नहीं मिला सुरक्षा प्रभारी का कोई सुराग

मध्य प्रदेश से आई टीम का रेसक्यू जारी, चानक के सतह तक डाला गया वाटर प्रूफ कैमरा

गिरिडीह। सुरक्षा प्रभारी जयप्रकाश उर्फ भोला सिंह का नौवें दिन मंगलवार तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा। सीसीएल प्रबंधन के साथ गिरिडीह पुलिस भी चानक के पास लगातार नौ दिन से हैरान-परेशान है, कि आखिरकार सुरक्षा प्रभारी चानक में है भी या नहीं और अगर चानक में है तो आखिर कहां है, इस सवाल से ना तो सीसीएल प्रबंधन ही बाहर निकल पा रहा है और ना ही पुलिस। जबकि मध्य प्रर्देश के इंदौर से आई टीम ने रेसक्यू चलाते हुए  सोमवार को वाटर प्रूफ कैमरा लेकर चानक पहुंची और कैमरे को चानक में डाला।

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करीब 700 फीट अंदर कैमरा पहुँचाने के बाद भी नहीं मिला कोई सुराग

10वें दिन भी चानक में नहीं मिला सुरक्षा प्रभारी का कोई सुराग

सोमवार तक चर्चा रहा कि चानक के भीतर बाईक के टायर के निशान और एक उंगली नजर आ रहा है। लिहाजा, वाटरप्रफू कैमरे से मिले निशान व उंगली के बाद सर्च आॅपरेशन में और तेजी लाई गई। लेकिन दुसरे दिन मंगलवार दोपहर तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा। जबकि कैमरे को रस्सी के सहारे करीब 700 सौ फीट चानक के भीतर डाला गया। करीब 700 सौ फीट अंदर जाने के बाद कैमरा चानक के सतह तक पहुंच गई। लेकिन इस दौरान बाईक या उसका टायर तो नहीं दिखी लेकिन सतह पर पड़े मलबे जरूर नजर आ रहे थे।

परिजनों ने की दुसरे इलाकों को खंगालने की मांग

इधर 10 दिनों से लगातार चल रहे सर्च ऑपरेशन के बाद अब सुरक्षा प्रभारी की पत्नी रेणु देवी समेत उनके बेटे और बेटियों ने साफ तौर पर कहा कि पहले दिन चानक के बाहर रुमाल, चाकू और टायर के निशान मिलने से चानक में तलाशी शुरु किया गया। लेकिन जिस डंप यार्ड के समीप खून के धब्बे और चप्पल मिले। इसके बाद भदुआपहाड़ी के अन्य इलाकों को नहीं खंगाला जा रहा है। लिहाजा, परिजनों ने मांग किया जिस प्रकार चानक के समीप तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, उसी तरह दुसरे इलाकों को खंगाला जाए। वैसे परिजनों ने चानक के समीप चल रहे तलाशी अभियान को नाकाफी बाताया है।

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