जिला कृषि पदाधिकारी ने किया जनता से सीधा संवाद

जिला कृषि पदाधिकारी ने किया जनता से सीधा संवाद

समस्या निराकरण का दिया सुझाव

गिरिडीह। कृषि से संबंधित विभिन्न समस्याओं के निराकरण के लिए गुरूवार को जिला कृषि पदाधिकारी धीरेन्द्र पांडेय ने गुरूवार को आमजनों से सीधा संवाद किया। पांडेय ने दो घंटे के सवाल जवाब के दौरान किसानों को कई समस्या का निदान सुझाया। इस दौरान गिरिडीह सहित पीरटांड़, बिरनी, बेंगाबाद व अन्य प्रखंडों के किसानों ने दुरभाष पर जिला कृषि पदाधिकारी से सीधा संवाद किया। पांडेय ने सवालों के त्वरित निदान के लिए तत्काल संबंधित कनीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया। सीधा संवाद में जानवर के फसल चर जाने से लेकर पैक्स में बीज उपलब्ध न होने की शिकायत भी की गई।

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आइए जानते है आमजनों के सवाल व कृषि पदाधिकारी द्वारा दिये गये जवाब –

सवाल-पीरटांड़ प्रखंड के पालगंज निवासी सिकंदर सिंह ने पूछा कि कृषि क्षेत्र में विकास नही हो रहा है। जानवर फसल खा जा रहे है।

जवाब-जिला कृषि पदाधिकारी ने कहा कि पंचायत में सात समितियां है। जानवरों के रोक के लिए ग्रामीण स्तर पर पहल करें। कहा कि चरवाहा रख कर इस समस्या से बचा जा सकता है।

सवाल-बेंगाबाद प्रखंड के छोटकी खरगडीहा से कमरूउदीन अंसारी ने पूछा पैक्स में बीज उपलब्ध नही है।

जवाब-पैक्स से पता कीजिए। पांडेयडीह पैक्स में बीज उपलब्ध है।

सवाल-बिरनी के सलेरी गांव के मंजूर अंसारी ने पूछा कि बिरनी प्रखंड में बीज का वितरण कब होगा।

जवाब-पैक्स से पता कीजिए, जल्द ही बीज का वितरण किया जाएगा।

सवाल-पांडेयडीह के रंधीर सिंह ने पूछा पुराना बीज पास है। ठीक से रखा गया था पर लगाने पर अंकुर नही रहा है।

जवाब-बीज को कपड़े में बांधकर पानी में भिंगो दें, अगर अंकुर रहा है तो ठीक है अन्यथा नया बीज का उपयोग करें।

सवाल-पीरटांड प्रखंड के हरलाडीह निवासी महादेव कुमार ने विगत साल की फसल बीमा न मिलने की शिकायत की।

जवाब-इस संबंध में पांडेय ने कहा कि फसल बीमा राशि भुगतान की प्रक्रिया चल रही है, कहा कि बीमा राशि के साथ सुखाड़ से हुई क्षति की भी भरपाई की जाएगी।

सवाल-पीरटांड़ के भीम दयाल ने मुख्यमंत्री आर्शीर्वाद योजना व पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाली राशि का अभी तक भुगतान नही हुआ है।

जवाब-जिला कृषि पदाधिकारी ने कहा कि उक्त योजना की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभुकों के खाते में जा रही है।

सीधा संवाद में बीज वितरण से संबंधित सर्वाधिक सवाल जवाब किए गए, पर किसानों को इन सवालों का माकूल जवाब नही दिया गया। किसानों को सर्वाधिक चिंता बीज वितरण न होने की थी। लेकिन विभाग किसानों को संतुष्ट करने में विफल साबित हुआ कि बीज का वितरण कब होगा।

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