सीसीएल के सुरक्षा प्रभारी जयप्रकाश सिंह का तीसरे दिन भी नहीं मिला कोई सुराग
गिरिडीह झारखंड

सीसीएल के सुरक्षा प्रभारी जयप्रकाश सिंह का तीसरे दिन भी नहीं मिला कोई सुराग

भदुहापहाड़ी के पास सालों से बंद पड़े चानक में दिनभर चला खोजी अभियान

चिंतित परिजन फरियाद लगाने पहुंचे डीसी के पास

गिरिडीह। रहस्मय तरीके से लापता गिरिडीह सीसीएल के सुरक्षा प्रभारी जयप्रकाश सिंह उर्फ भोला सिंह का तीसरे दिन बुधवार को भी कोई सुराग नहीं मिला। जबकि बुधवार को सीसीएल के एरिया बोर्ड के महाप्रबंधक प्रशांत वाजपेई के निर्देश पर सीसीएल प्रबंधन हर स्तर पर सुरक्षा प्रभारी को उस चानक से निकालने की दिशा में जुटा रहा। जिस चानक के बाहर सुरक्षा प्रभारी का रुमाल व एक एफआईआर के कागज समेत एक चाकू बरामद किया गया था। बुधवार को ही चानक तक क्रेन पहुंचाने के लिए रास्ता तैयार किया गया। जबकि क्रेन और जेसीबी के सहारे एक साथ 15 मोटी रस्सियों और तीन झग्गर को चानक के अंदर पहुंचाकर सुरक्षा प्रभारी व उनके बाईक का पता लगाने का प्रयास सारा दिन चलता रहा। लेकिन शाम तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी।

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चाकू व रूमाल मिलने के बाद चानक में तलाशने की कवायद जारी

सीसीएल के सुरक्षा प्रभारी जयप्रकाश सिंह का तीसरे दिन भी नहीं मिला कोई सुराग

गायब सीसीएल के सुरक्षा प्रभारी को चानक में ढुंढने के दौरान सदर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव, सीसीएल के जीएम प्रशांत वाजपेई समेत काफी संख्या में पुलिस जवान और सीसीएल के स्थानीय लोग मौजूद थे। दोपहर बाद स्थानीय स्तर पर गोताखोरों की टीम भी चानक में उतारे गये। जिनके द्वारा देर शाम तक चानक में सुरक्षा प्रभारी और उनके बाइक को ढुंढने कवायद जारी थी। वैसे सुरक्षा प्रभारी व उनका बाईक चानक में है या नहीं। इसका भी पता लगाने में सीसीएल व पुलिस अब तक नाकाम रहीं है। क्योंकि घटना के दिन मंगलवार को पुलिस को चानक के बाहर चाकू, रूमाल और टायर के मिले निशान के आधार पर सीसीएल प्रबंधन पानी में लाठी पीट रही है।

पत्नी के आवेदन में दर्ज हुई गुमशुदगी की प्राथमिकी

इधर मंगलवार को ही सुरक्षा प्रभारी की पत्नी रेणु देवी के दिए आवेदन के आधार पर मुफ्फसिल पुलिस ने गुमशुदगी का केस दर्ज लिया है। वैसे सुरक्षा प्रभारी का अपहरण कौन और किसलिए किया गया है, इसका खुलासा करने में पुलिस अब तक असफल रही है।  परिजनों की चिंता भी अब बढ़ गई है। इस बीच सुरक्षा प्रभारी के दामाद राकेश सिंह व एक पड़ौसी गुरुवार को डीसी से मिलने पहुंचे और डीसी से कहा कि जिस चानक में उनके ससुर व बाईक को तलाशा जा रहा है। वह प्रयास फिलहाल कम है। क्योंकि चानक की गहराई काफी अधिक है। ऐसे में सीसीएल का प्रयास नाकाफी है।

मुफ्फसिल थाना प्रभारी के बुलान पर निकले थे घर से

दामाद राकेश ने बताया कि उनकी सास रेणु देवी ने जानकारी दिया कि सोमवार की शाम मुफ्फसिल थाना प्रभारी रत्नमोहन ठाकुर का फोन आने के बाद उनके ससुर देर शाम सात बजे यह कहकर निकले कि मुफ्फसिल थाना प्रभारी बुला रहे है। वैसे पुलिस सूत्रों की मानें तो सोमवार की शाम हुए अपहरण के बाद दुसरे दिन मंगलवार सुबह आठ बजे तक सुरक्षा प्रभारी के मोबाइल का लोकेशन सीसीएल के अगदोनीकला गांव तक बताया गया। इसके बाद मोबाइल का लोकेशन भी मिलना बंद हो गया। बहरहाल, अपहृत सुरक्षा प्रभारी के सकुशल बरामदगी को लेकर गिरिडीह पुलिस पर अब दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

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