ओवरब्रिज निर्माण को लेकर हुई भूमि की मापी, प्रभावितों ने की मुआवजे की मांग
झारखंड सरिया

ओवरब्रिज निर्माण को लेकर हुई भूमि की मापी, प्रभावितों ने की मुआवजे की मांग

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सरिया(गिरिडीह)| सरिया स्थित रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज निर्माण को लेकर शनिवार को विभागीय स्तर पर जमीन की मापी और इस दौरान लोगों को होने वाली नुकसान के आकलन का कार्य किया गया। इस अभियान में मुख्य रूप से सरिया अनुमण्डल पदाधिकारी राम कुमार मंडल , जिला भूअर्जन पदाधिकारी विजय कुमार, धनबाद रेल मंडल के कार्यपालक अभियंता, भवन विभाग के अभियंता, सरिया अंचलाधिकारी समय कई कर्मचारी एवं अमीन उपस्थित थे।मापी का कार्य सरिया ठाकुरबाड़ी टोला स्थित हनुमान मंदिर से प्रारंभ किया गया।

जो मुख्य मार्ग के होते हुए सरिया बाजार तक पहुंचा। बताते चलें कि पूर्व में सरिया अंचल कार्यालय के द्वारा सरिया बाजार के लगभग 256 व्यवसाई एवं स्थानीय लोगों को बिहार भूमि अधिग्रहण अधिनियम एक्ट 1956 के तहत सरकारी जमीन में अतिक्रमण करने संबंधी नोटिस दी गई थी।वहीं उन्हें भूमि संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने सहित अपना पक्ष रखने को कहा था। जिसके तहत स्थानीय लोगों ने अपना पक्ष भी रखा था।

क्या कहते हैं स्थानीय लोग

स्थानीय लोगों की मानें तो जिस जमीन को ओवरब्रिज निर्माण को लेकर चिन्हित किया गया है। वैसे भूमि पर स्थानीय लोग गिरिडीह निबंधन कार्यालय से अपने जमीन का निबंधन करा कर वर्षों से मकान बनाकर रह रहे हैं ।

समय-समय पर उनका मालगुजारी टैक्स भी सरकार के खजाने में जमा करते चले आ रहे हैं।उसके बाद भी सरकार के द्वारा वैसे लोगों को अतिक्रमण कारी कहा जा रहा है। जिससे स्थानीय लोगों में विभाग के प्रति आक्रोश है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग के द्वारा जिस एक्ट एवं जिस नक्शे का बात कर रहे हैं।विभाग के लोग स्थानीय लोगों की बातों पर कहने के बाद भी उसे सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं। जो विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाता है।वहीं स्थानीय लोगों की मानें तो 1932 से उनके पास भूमि संबंधी कागजात है। फिर भी उसे अतिक्रमण कारी कहा जा रहा है जो गलत है।

स्थानीय लोगों की मुख्य मांग है कि विभाग या सरकार को ओवरब्रिज निर्माण को लेकर जमीन की आवश्यकता है तो उन्हें मकान-जमीन का उचित मुआवजा देकर भूमि अधिग्रहण करें। स्थानीय लोग अपनी जमीन आवश्यकतानुसार देने के लिए तैयार हैं।

नागरिक मंच हाई कोर्ट में दायर करेगा याचिका

सरिया स्थित रेलवे क्रासिंग के पास ओवरब्रिज निर्माण में भूमि अधिग्रहण बाधक बन रहा है।वर्षों से सरिया में मकान बनाकर निवास कर रहे लोगों को उक्त निर्माण कार्य के लिए खाता नंबर 200(गैर मजुरवा) तथा रैयती जमीन को खाली करने हेतु विभाग द्वारा नोटिस निर्गत की गई है।

स्थानीय लोगों का मानना है कि विभाग अगर ससम्मान उनकी जमीन का अधिग्रहण रेलवे ओवरब्रिज निर्माण को लेकर करता है।तो उनके भूमि एवं भवन का उचित मुआवजा सरकार दे।अन्यथा इसे लेकर झारखंड हाई कोर्ट में स्थानीय नागरिक मंच के द्वारा रिट याचिका दायर की जाएगी।

क्या कहते हैं अधिकारी

इस प्रक्रिया को लेकर सरिया अनुमंडल पदाधिकारी राम कुमार मंडल ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि ओवरब्रिज निर्माण को लेकर हो रही माफी विभाग के वरीय पदाधिकारियों के निर्देशानुसार किया जा रहा है। इस मापी कार्य के माध्यम से लोगों को रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के दौरान भवन या बिल्डिंग में होने वाले क्षतिपूर्ति का आकलन किया जा रहा है।

ताकि विभागीय स्तर से भुक्तभोगियों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए उचित मुआवजा की राशि दी जा सके। साथ ही उन्होंने बताया कि अगर किन्ही का रैयती भूमि है तो विभाग के द्वारा तय मानक के अनुसार मुआवजे की राशि का भी भुगतान किया जाएगा।

वहीं अगर किसी व्यक्ति की गैरमजरूआ भूमि है और उसके पास उस भूमि का पर्याप्त दस्तावेज उपलब्ध है तो वे अंचल कार्यालय से उक्त भूमि की रैयती मान्यता को लेकर आवेदन कर सकते हैं।

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