सिटी मैनेजर द्वारा किये गये अभद्र व्यवहार मामले ने तूल पकड़ा, कार्रवाई की मांग
गिरिडीह झारखंड टॉप-न्यूज़

सिटी मैनेजर द्वारा किये गये अभद्र व्यवहार मामले ने तूल पकड़ा, कार्रवाई की मांग

जलकर राशि मामले में नगर आयुक्त व मेयर से मिले पूर्व नप उपाध्यक्ष राकेश मोदी और शिकायतकर्ता

गिरिडीह। नगर निगम के सिटी मैनेजर द्वारा चार दिन पूर्व किये गये अभद्र व्यवहार मामले को लेकर शिकायतकर्ता विकास केडिया, पूर्व नप उपाध्यक्ष राकेश मोदी, ड्रग्स एसोसिएशन के सचिव सुजीत कपिसवे सोमवार को नगर निगम पहुंचे। इस दौरान उन्होंने नगर आयुक्त गणेश कुमार और मेयर सुनील पासवान से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सिटी मैनेजर प्रशांत भारतिया पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। इस दौरान उन्होंने सिटी मैनेजर पर वाटर एटीएम के संचालन में अनियमितता बरतने सहित भ्रष्टाचार के कई आरोप लगाये।

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क्या है पूरा मामला

नगर निगम द्वारा जलकर वसूली का कार्य श्री पब्लिकेशन को दिया गया है। श्री पब्लिकेशन के कर्मी द्वारा होल्डिंगधारियों से जलकर के रूप में वसूली जा रही राशि का गबन करने का मामला प्रकाश में आया था। मामले को लेकर दवा व्यवसायी विकास केडिया ने लिखित रूप से नगर आयुक्त और डीसी को आवेदन देकर जलकर के लिए 6 हजार 480 रुपये श्री पब्लिकेशन के कर्मी को देने और रसीद देने की बात कही थी। लेकिन जब उन्होंने नगर निगम में इस संबंध में वे जानकारी लेने पहुंचे तो वहां पर सिर्फ उनके नाम से एक हजार 620 रुपये ही जमा था। मामले में सीधे तौर पर बड़े स्तर पर टेक्स वसूली में घालमेल का मामला सामने आ रहा है।

वार्ता में बुलाने के बाद सिटी मैनेजर ने निकाला था कक्ष से बाहर

बताया जाता है कि पांच दिन पूर्व जलकर वसूली में घालमेल मामले को लेकर नगर आयुक्त से लेकर उपायुक्त तक को शिकायत करने वाले दवा व्यवसायी विकास केडिया को फोन कर बुलाया गया था। फोन आने के बाद पूर्व नप उपाध्यक्ष राकेश मोदी और दवा व्यवसायी सुजीत कपिसवे के साथ वे सिटी प्रबंधक प्रशांत भारतिया से वार्ता के लिए पहुंचे थे। लेकिन सिटी प्रबंधक भरतिया ने अपने कार्यालय कक्ष से विकास केडिया को छोड़कर बाकी सबों को बाहर निकलने के लिये कहा। सिटी प्रबंधक के इस रवैये से मामला इतना गरम हो गया कि आयुक्त से मिलने पहुंचे शिष्टमंडल के तमाम सदस्यों ने सिटी प्रबंधक के निलबंन की कार्रवाई की मांग करने लगे। हालांकि नगर आयुक्त ने मामले में सिटी मैनेजर से स्पष्टीकरण देने का नोटिस दिया था।

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