नहीं रहे झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता व झामुमो के पूर्व जिला सचिव राजकिशोर राम

नहीं रहे झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता व झामुमो के पूर्व जिला सचिव राजकिशोर राम
  •  
  •  
  •  
  •  
  • 263
  •  
  •  
    263
    Shares

काफी दिनों से चल रहे थे बीमार, जीडी बगेड़िया अस्पताल में इलाज के दौरान हुआ निधन

 

गिरिडीह। झारखंड आंदोलन के सक्रिय भूमिका अदा करने वाले झामुमो नेता राजकिशोर राम का सोमवार को हृदयगति रूकने के कारण निधन हो गया। वे विगत काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। दो दिन पूर्व अधिक तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें मोहनपुर स्थित जीडी बगेड़िया हास्पिटल में इलाज के लिए भर्ती किया गया था। जहां इलाज के दौरान सोमवार की शाम को करीब साढ़े छः बजे उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही रिश्तेदारों व करीबियों के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों के काफी संख्या में लोगों ने अस्पताल पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की। स्व0 राम की मौत होने से उनके परिवार के लोग काफी मर्माहत है।

 

15 वर्षो तक रहे थे माहुरी वैश्य महामंडल के अध्यक्ष

 

स्व0 राम जहां झामुमो के पूर्व जिला सचिव सह केन्द्रीय समिति सदस्य के दायित्व में रहते हुए झारखंड अलग राज्य की मांग को लेकर चलाये गये आंदोलन में काफी सक्रिय थे। वहीं उन्होंने अपना  जीवन समाज के प्रति भी सर्मपित कर दिया था । स्व0 राम न सिर्फ अपने क्षेत्र से नगर पालिका के समय वार्ड कमिशनर रहे, बल्कि वर्ष 2002 से 2017 तक माहुरी वैश्य महामंडल के केंद्रीय अध्यक्ष का दायित्व भी इन्होंने बखूबी सम्हाला। इस दौरान उन्होंने समाज के उत्थान के लिए कई अहम कार्य भी किये।

 

शोक संवेदना देने वालों का लगा तांता

 

स्व0 राम की मौत की खबर सुनने के बाद उनके पचंबा स्थित आवास पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। इस क्रम में माहुरी वैश्य महामंडल के वर्तमान अध्यक्ष सुबोध प्रकाश, उपाध्यक्ष प्रकाश सेठ, राजेश सेठ, राजेंद्र तर्वे, रवि कपिसवे, महिला आयोग की सदस्य पूनम प्रकाश, सुशील कंधवे, उमाचरण पहाड़ी, रश्मि गुप्ता, मधुर चरनपहारी, शंकर गुप्ता, प्रदीप कुमार, मनीष विनायक, विक्की कुमार, परमानंद कंधवे, अशोक भदानी, पूनम गुप्ता, ब्रज किशोर गुप्ता, अनिल गुप्ता, राम रतन राम, मीना गुप्ता, कंचन गुप्ता सहित अन्य लोगों ने शोक संवेदना व्यक्त की।

 

ख़बरों से अपडेट रहने के लिए जुड़े हमारे व्हाट्सएप ग्रुप एवं फेसबुक पेज से….