खालसा पंथ के स्थापना दिवस के रूप मनाया‌ जाता है बैसाखी पर्व – ज्ञानी रवि

खालसा पंथ के स्थापना दिवस के रूप मनाया‌ जाता है बैसाखी पर्व - ज्ञानी रवि
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सरिया गुरुद्वारा ‌साहिब में धूमधाम से मनाया गया बैसाखी

सरिया (गिरिडीह)। गुरुद्वारा साहिब सिख सभा सरिया ने रविवार को बैसाखी पर्व धूमधाम से मनाया गया। गुरुद्वारे में सुबह पांच बजे संपूर्ण आशा की वार का कीर्तन के बाद अखंड पाठ साहिब की समाप्ति कीर्तन दरबार सजाए गए।

गुरुद्वारा साहिब के ज्ञानी रवि सिंह ने शबद व्याख्या कर बैसाखी का महत्व बताया व शरबत के भले की अरदास की। इसके बाद गुरु का प्रसाद भी‌ सभी को‌ दिया गया। वहीं सचिव सिमरन ने संगत का आभार व्यक्त किया। इस दौरान गुरुद्वारा कमिटी के प्रधान मनोहर सिंह बग्गा ने पावन पर्व में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं ‌का धन्यवाद किया

320 साल पूर्व हुई थी स्थापना

बताया गया कि सिखाें के दसवे गुरु गोविंद सिंह ने 320 साल पहले 1699 में बैसाखी के दिन अानन्दपुर साहिब में खालसा पंथ की स्थापना की थी। इस उपलक्ष्य में सिख समाज बैसाखी पर्व को खालसा पंथ के स्थापना दिवस के रूप में मनाता है। गुरु गोविंद सिंह ने पंथ की स्थापना के समय कुछ नियम भी बनाए थे जो हर गुरु केे सिख का फर्ज है कि वो गुरु के बनाए नियमों का पालन करे।

ये रहे मौजूद

इस मौके पर गुरुद्वारा कमिटी के प्रधान मनोहर सिंह बग्गा, सिमरन सिंह, किशोर सलुजा, सुखविंदर कौर गंभीर, परमजीत कौर, सुनिता‌ गंभीर, ज्योति चावला,कृष्णा चावला समेत अन्य लोग मोजूद थे ।

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