चैंबर ऑफ़ कॉमर्स की होलिका दहन पर रोक लगाने की मांग से भड़के हिंदू संगठन
गिरिडीह झारखंड

चैंबर ऑफ़ कॉमर्स की होलिका दहन पर रोक लगाने की मांग से भड़के हिंदू संगठन

मामला बढ़ता देख चैंबर ने किया भूलसुधार, पत्र जारी कर मानी अपनी गलती

गिरिडीह। होलिका दहन के कारण शहर के चौक-चौराहों में प्रदूषण फैलने और सड़कों के खराब होने का हवाला देकर प्रशासन से होलिका दहन पर रोक लगाने की मांग करना गिरिडीह चैंबर ऑफ़ कॉमर्स को अब मंहगा पड़ रहा है। रविवार को विहिप और बजरंग दल गिरिडीह के पदाधिकारियों ने संयुक्त प्रेसवार्ता कर चैंबर की मांग की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि जिस प्रदूषण का हवाला देकर रोक लगाने की मांग की गई है, उसे पूरे गिरिडीह में फैलाने में चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के सदस्य व्यवसायी ही जिम्मेवार हैं।

पहले लौह उद्योग से फैल रहे जानलेवा प्रदूषण की जांच की मांग करे चैंबर

विहिप और बजरंग दल के मनोज सिंह, शिवशक्ति साहा, महेशवर नाथ सहाय, रविशंकर पांडेय ने प्रेसवार्ता में कहा कि होलिका दहन भारतीय संस्कृति से जुड़ी हुई परंपरा है। ऐसे में चैंबर ऑफ़ कॉमर्स ने ऐसी अपील कर साबित कर दिया कि गिरिडीह के औद्योगिक क्षेत्रों के लौह उद्योग से फैल रहे विषैले धुएं का प्रदूषण मानव जीवन के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है। कहा कि चंद व्यवसासी नित्यदिन औद्योगिक इलाकों में रहने वाले लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं।

उद्योगों से हर रोज जानलेवा प्रदूषण फैल रहा है, लेकिन इस पर चैंबर ऑफ़ कॉमर्स खामोश रहता है। इसकी चिंता चैंबर और उसके व्यवसायी सदस्यों को जरा भी नहीं है। वहीं दूसरी तरफ साल के एक दिन चंद घंटो के लिए शहर के चौक-चौराहों में भारतीय संस्कृति की परम्परा का निर्वाहन के लिए होलिका दहन अनुष्ठान का मनाया जाना चैंबर ऑफ़ कॉमर्स को नागवार गुजरता है। जबकि होलिका दहन में लोगों द्वारा सूखे पेड़ों के अलावे चंदन की लकड़ी जलाई जाती है। जिसमें लोग अपनी मान्याताओं के अनुसार पुआ-पकवान की आहुति देते हैं।

हिंदू संगठन के सदस्यों ने चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के पदाधिकारियों पर भड़कते हुए कहा कि संस्कृति के खिलाफ कारोबारी संगठन की इस मांग पर सिर्फ इतना ही कहा जा सकता है कि चैंबर पहले औद्योगिक इलाकों के लोगों को जानलेवा प्रदूषण के कहर से बचाएं। वक्ताओं ने कहा कि शहर के जिन-जिन इलाकों में होलिका दहन लोगों द्वारा किया जाता है, वो हर हाल में और उसी परंपरा के अनुसार होगा। संगठन ने प्रशासन से औद्योगिक क्षेत्र के प्रदूषण फैलाने वाले हर कारखानों की जांच की मांग भी की।

धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाना मकसद नहीं: निर्मल झुनझुनवाला

चैंबर ऑफ़ कॉमर्स की होलिका दहन पर रोक लगाने की मांग से भड़के हिंदू संगठन

इधर इस पूरे मामले में गिरिडीह चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के अध्यक्ष निर्मल झुनझुनवाला ने कहा कि उनकी बातों को गलत तरीके से लिया गया। उन्होंने यह जरूर माना कि प्रशासन को लिखे पत्र में कुछ टाईपिंग की गलती हो गई थी। एक दो शब्द आपत्तिजनक थे, जिन्हें अब सुधार लिया गया है। कहा कि चैंबर हिन्दू समाज की भावना को ठेस नहीं पहुंचाना चाहता है। अगर किसी की भावना आहत हुई है तो चैंबर उसके लिए क्षमाप्रार्थी है।

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