ड्यूटी चोर और उदंड हैं सदर अस्पताल के अधिकांश चिकित्सक : सिविल सर्जन

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डयूटी छोड़ निजी क्लीनिक व नर्सिंग होम में रहते हैं व्यस्त

रिपोर्ट : अभय वर्मा

गिरिडीह। सदर अस्पताल की व्यवस्था से नाराज सिविल सर्जन डॉ रामरेखा प्रसाद ने सहयोगियों के लिए बड़ी तल्ख टिप्पणी की। कहा कि यहां कार्यरत अधिकतर चिकित्सक उदंड हैं। कोई सुनता नहीं है, सब के सब डयूटी चोर हैं। नाराज सीएस ने अपनी पीड़ा सुनाते हुए कहा कि सदर अस्पताल में कार्यरत सभी चिकित्सकों की अपनी निजी क्लीनिक या नर्सिंग होम है। सबसे दुखद पहलू यह है कि सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डाॅ बीएन झा ही डयूटी से गायब रहते हैं, जबकि व्यवस्था सुधार की जिम्मेवारी डाॅ झा पर है। ऐसी स्थिति में व्यवस्था में कैसे सुधार होगी।

निरीह दीख रहे सीएस डाॅ प्रसाद यहीं नहीं रूके, कहा कि झारखंड के कई जिलों में कार्यरत रहा पर ऐसी व्यवस्था कहीं नहीं दिखी। कहा कि सदर अस्पताल में कार्यरत अधिकतर चिकित्सकों की अपनी निजी क्लीनिक और नर्सिंग होम है। जब उन्हें सदर अस्पताल में रहना चाहिए, तब निजी क्लीनिक और नर्सिंग होम में व्यस्त रहते हैं। कुछ लोग ठीक है जिनके भरोसे सदर अस्पताल चल रहा है पर अधिकतर लोग डयूटी चोर हैं।

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प्रावधान के तहत सप्ताह में 72 घंटा करना है काम

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चिकित्सकों की कार्यशैली पर बरस रहे सिविल सर्जन डाॅ प्रसाद को देवरी चिकित्सा केन्द्र के डाॅ सत्येन्द्र कुमार सिन्हा विभागीय प्रावधान की याद दिला रहे थे। छुटटी की अर्जी लेकर सीएस के समक्ष बैठे डाॅ सिन्हा ने कहा कि विभागीय प्रावधान के अनुसार सरकारी चिकित्सकों को सप्ताह में 72 घंटा काम करना चाहिए। चिकित्सक जो 72 घंटा काम नहीं करता, सभी सरकार के कृपा पात्र हैं। उन्होंने कहा कि जो मेनूअल के अनुसार काम नहीं करते उनके खिलाफ सरकार को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। सरकार ऐसा नहीं करती तो यह उनकी कमजोरी है।

इधर सीएस ने कहा कि एक चिकित्सक बेहतर ढंग से निजी क्लीनिक व नर्सिंग होम चला लेता है पर दर्जनभर चिकित्सकों को सदर अस्पताल संचालन में परेशानी होती है। सहयोगी ने ही सीएस से पूछा, काम नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं करते, सीएस का सपाट जबाव था प्रावधान के अनुसार सब तरह कार्रवाई की जा चुकी है।

डीसी की व्यस्तता का लाभ उठा रहे हैं चिकित्सक

चुनावी कार्य में व्यस्त रह रहे डीसी राजेश पाठक की व्यस्तता का चिकित्सक भरपूर लाभ उठा रहे है। हाल के दिनों में जितने भी डीसी आए सभी की निगाह सदर अस्पताल पर रहती थी, पर नवपदस्थापित डीसी को लोकसभा चुनाव में लगातार व्यस्त रहना पड़ रहा है। चिकित्सक इसका भरपूर लाभ उठा रहे हैं। वरीय अधिकारी जब सदर अस्पताल में हांक लगाते हैं तभी यहां की कार्यशैली सुधरती है।

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