आचार संहिता लागू होते ही अनुमंडलाधिकारी ने लागू की निषेधज्ञा

आचार संहिता लागू होते ही अनुमंडलाधिकारी ने लागू की निषेधज्ञा
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प्रत्याशियों कों आचार संहिता का सख्ती से करना होगा पालन

गिरिडीह।  भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 10 मार्च को लोकसभा चुनाव की घोषणा किये जाने के साथ ही देश में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गया। इसी क्रम में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी-सह-अपर मुख्य सचिव, झारखण्ड, रांची के द्वारा भी इसकी घोषणा कर दी गई है। इसी क्रम में सरिया अनुमंडल के अंतर्गत आने वाले बगोदर-सरिया क्षेत्र में  शांति-व्यवस्था कायम रखने के निमित अनुमण्डल दण्डाधिकारी राम कुमार मंडल द्वारा द0प्र0स0 की धारा 144 के तहत प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए दिनांक दस मार्च से मतगणना समाप्ति की तिथि तक निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। साथ ही इससे संबंधित आदेश भी जारी किया गया।

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घातक हथियार या विष्फोटक पदार्थ लाने पर होगा प्रतिबंध

जारी आदेश के अनुसार सम्पूर्ण अनुमण्डल क्षेत्र में किसी प्रकार के घातक हथियार, आग्नेयास्त्र या विस्फोटक पदार्थ लाने व ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। यह निषेधाज्ञा सरकारी पदाधिकारी, कर्मचारी, पुलिस पदाधिकारी व कर्तव्य पर तैनात पुलिस बल पर, नेपालियों द्वारा खुखरी धारण तथा सिखों द्वारा कृपाण करने पर लागू नहीं होगा। इसके अतिरिक्त सरकारी अर्द्धसरकारी व स्थानीय संकायों जैसे महाविद्यालय, उच्च विद्यालय, प्राथमिक, मध्य एवं बुनियादी विद्यालयों एवं किसी भी आम भूमि पर किसी प्रकार का आम सभा का आयोजन करने तथा पूरे अनुमण्डल क्षेत्र में जुलूस निकालने पर मनाही कर दी गई है। यह निषेधाज्ञा शव-यात्रा, शादी विवाह सहित अन्य मांगलिका कार्य पर लागू नहीं होगा।

रात के 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वति विस्तारक यंत्र होंगे प्रतिबंधित

इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि दस बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग प्रतिबंधित किया जाता है। इस नियम में मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा या धार्मिक स्थलों को छूट दी गई है। लेकिन मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर, गुरुद्वारा या अन्य पूजा स्थल पर से निर्वाचन प्रचार प्रतिबंधित किया गया है।

सार्वजनिक व सरकारी सम्पत्ति पर पोस्टर पम्पलेट साटने पर होगी पाबंदी

जारी आदेशानुसार किसी सार्वजनिक, सरकारी या किसी व्यक्तिगत सम्पत्ति पर नारा लिखना, पोस्टर व पम्पलेट साटना, झंडा टांगना, सार्वजनिक सड़कों पर बैनर लगाना, होर्डिंग लगाना, तोरण द्वार लगाने पर प्रतिबंध किया जाता है। आदेश में इस बात के लिए साफ हिदायत दी गई है कि किसी भी उम्मीदवार को ऐसा कोई कार्य नहीं करना है, जिससे किसी धर्म, सम्प्रदाय या जाति के लोगों की भावना को ठेस पहुंचे या उनमें विद्वेष या तनाव पैदा हो। इसके अतिरिक्त किसी उम्मीदवार के व्यक्तिगत जीवन के ऐसे पहलुओं की आलोचना नहीं की जानी चाहिए, जिसका संबंध उसके सार्वजनिक जीवन या क्रियाकलापों से न हो और न ही ऐसे आरोप लगाये जाने चाहिए है।

चुनावी सभा में गड़बड़ी उत्पन्न करना आचार संहिता का होगा उल्लंघन

किसी चुनाव सभा में गड़बड़ी करना या विघ्न डालना भी आदर्श आचार संहिता का उल्लघन माना जाएगा। मतदान के दिन तथा मतदान समाप्ति के 48 घंटे पूर्व सार्वजनिक सभा करना वर्जित किया जाता है। इसके अतिरिक्त मतदाताओं को रिश्वत या किसी प्रकार का पारितोषिक देना आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन की श्रेणी में आएगा। वहीं मतदाता केन्द्र के 100 मीटर के अन्दर किसी प्रकार का चुनाव प्रचार करना या मत संयाचना करना आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। मतदाताओं को मतदान केन्द्र तक लाने या ले जाने के लिए वाहनों का उपयोग करना वर्जित किया जाता है।

प्रत्याशी व उसके समर्थक द्वारा नशीले पदार्थ का बांटना दंडनीय अपराध

मतदाताओं का प्रतिरूपण करना अर्थात गलत नाम से मतदान का प्रयास करना दण्डनीय है। मतदान के दो दिन पूर्व से लेकर मतदान के दिन तक किसी उम्मीदवार द्वारा न तो शराब एवं अन्य नशीली पेय पदार्थ खरीदी जाए और न ही उसे किसी को पेश या वितरित किया जाएगा। प्रत्येक उम्मीदवार द्वारा अपने कार्यकर्ताओं को भी ऐसा करने से रोकना होगा। किसी हाट, बाजार या भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थल पर चुनाव सभा के आयोजन के लिए सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। साथ ही स्थानीय पुलिस थाने को ऐसी सभा के आयोजन की पूर्व सूचना देना भी आवश्यक है।

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