लोक अदालत में 504 मामलों का हुआ निष्पादन, 97 लाख से अधिक की हुई वसूली
गिरिडीह झारखंड

लोक अदालत में 504 मामलों का हुआ निष्पादन, 97 लाख से अधिक की हुई वसूली

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वाहन दुर्घटना वाद में 12 पीड़ितों के बीच 13,68,825 रुपये का हुआ वितरण

गिरिडीह। जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा शनिवार को व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष राजेश कुमार वैश्य, कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश सुरेश चंद्र जायसवाल, सचिव मनोरंजन कुमार, उपविकास आयुक्त मुकुन्द दास व अन्य न्यायायिक पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर पूर्व में निष्पादित वाहन दुर्घटना वाद के मामले में 12 पीड़ितों के बीच 13 लाख 68 हजार 825 का चेक वितरण किया गया।

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लोगों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार से उठाना चाहिए लाभ

लोक अदालत में 504 मामलों का हुआ निष्पादन, 97 लाख से अधिक की हुई वसूली

मौके पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष राजेश कुमार वैश्य ने बताया की जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा लगातार चलाये जा रहे कानूनी जागरूकता के कार्यक्रम से लोगों को लाभ उठाना चाहिए। कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यालय से लोग किसी मुकदमे के निष्पादन के अलावे सरकारी योजनाओं के बाबत जानकारी हासिल कर उसका लाभ उठा सकते हैं। कहा कि लोगों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार की तरफ से कोर्ट फीस, निःशुल्क अधिवक्ता देने का प्रावधान है। साथ ही पीड़ित अनुदान योजना के अंतर्गत पीड़िता या पीड़ित को मुआवजा देने का प्रावधान है, जिसका लाभ लोगों को उठाना चाहिए।

आपसी सुलह के आधार पर होता है मामले का निष्पादन

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश सुरेश चंद्र जायसवाल ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से आपसी सुलह के आधार पर अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन किया जाता है। कहा कि लोगों को परिवार में अच्छे से मिलजुल कर  रहना चाहिए। पारिवारिक विवाद यदि हो तो उसे जल्द से जल्द सुलझाने का प्रयास करना चाहिए ताकि परिवार में बिखराब से बचा सकें।

मामलों के निष्पादन की संख्या में करना है वृद्धि

राष्ट्रीय लोक अदालत का संचालन करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव मनोरंजन कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष प्री लिटिगेशन के 1609 मामले तथा कोर्ट पेंडिंग 573 मामलों का निष्पादन किया गया था। लेकिन इस वर्ष हम सभी मिलकर इससे अधिक मामलों का निष्पादन कर सकें। इसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा हमेशा अलग-अलग क्षेत्रों में जागरूकता साक्षरता शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

लोक अदालत आपसी सुलह का एक अच्छा प्लेटफार्म

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपविकास आयुक्त मुकुंद दास ने बताया यह एक बहुत ही अच्छा प्लेटफॉर्म है, जहां दोनों पक्ष आपसी सहमति से मामले को निष्पादन कराने में सहयोग करते हैं। कहा कि यहां पर दोनों पक्ष के लोगों में मिलजुल कर रहने का भाव देखने को मिलता है। आपसी द्वेष को भुलाकर भाईचारा के साथ समाज में आना एक बहुत ही जिम्मेदारी का कार्य है। लोगों को इसके बारे में जरूर सोचना चाहिए। कार्यक्रम को जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम रामबाबू गुप्ता, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष दुर्गा पांडे, सचिव चुन्नूकांत ने संबोधित किया। वहीं मंच का संचालन पैनल अधिवक्ता उदय मोहन पाठक के द्वारा किया गया।

504 मामलों का हुआ निष्पादन

लोक अदालत में आये मामलों के निष्पादन के लिए नौ पीठों का गठन किया गया। सभी अलग-अलग प्रकार मामलों के लिए अलग-अलग बेंच बनाएं गए। आज के राष्ट्रीय लोक अदालत में प्री लिटिगेशन मामले बैंक टेलीफोन तथा अन्य मिलाकर 241 मामलों का निष्पादन किया गया। इस दौरान विभिन्न वादों में 92 लाख 91 हजार 069 रुपए की वसूली की गई। साथ ही कोर्ट में पेंडिंग 263 मामलों का निष्पादन करते हुए 4 लाख 79 हजार 300 रुपए की वसूली की गई। कार्यक्रम को सफल बनाने में न्यायिक पदाधिकारियों, न्यायालय कमिर्यों, पैरा लीगल वालंेटियर का सराहनीय योगदान रहा।

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