राम जन्म भूमि मामले को सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता को भेजा
टॉप-न्यूज़ देश

राम जन्म भूमि मामले को सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता को भेजा

  • 16
    Shares

चार हफ्ते में शुरू होगी कार्रवाई प्रक्रिया, आठ हफ्ते में प्रक्रिया समाप्त

नई दिल्ली। वर्षों से चला आ रहा अयोध्या विवाद का मामला सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मध्यस्थों को सौंप दिया गया है। अब मध्यस्थता की बातचीत फैजाबाद में होगी। जस्टिस फकीर मुहम्मद खलीफुल्ला मध्यस्थता पैनल की अध्यक्षता करेंगे। मध्यस्थता पैनल में आर्ट ऑफ लीविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर और वकील श्रीराम पंचू भी शामिल होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पैनल 4 हफ्ते में मध्यस्थता के जरिए विवाद निपटाने की प्रक्रिया शुरू करने के साथ ही आठ हफ्ते में पूरी प्रक्रिया खत्म करें।

दक्षिण के हैं मध्यस्थता पैनल में शामिल तीनों सदस्य

सुप्रीम कोर्ट द्वारा मामले को मध्यस्थता को सौंपने के बाद तीन सदस्यीय पैनल में जिन्हे शामिल किया गया है। वे सभी दक्षिण भारतीय हैं और तीनों ही तमिलनाडु से ताल्लुक रखते हैं।

राजनीतिक सुगबुगाहट व विरोध के स्वर शुरू

कोर्ट द्वारा मामले का निष्पादन मध्यस्थता में भेजने के बाद राजनीतिक सुगबुगाहट और विरोध शुरू हो गया है। खासकर श्रीश्री रविशंकर के नाम को लेकर सबसे अधिक विरोध के स्वर उठ रहे है। एआइएमआइएम के नेता और लोकसभा सांसद असदुद्दीन औवेसी ने सीधे तौर पर उनका विरोध करते हुए कहा है कि वह शुरू से ही विवादित जमीन पर राम मंदिर बनने की बात कहते रहे हैं, ऐसे में वह निष्पक्ष नहीं हो सकते हैं। उन्होंने मध्यस्थता पर कोर्ट की बात को स्वीकार करते हुए कहा है कि मध्यस्थता हो, लेकिन इसमें श्रीश्री रविशंकर शामिल नहीं होने चाहिए।

ख़बरों से अपडेट रहने के लिए जुड़े हमारे व्हाट्सएप ग्रुप एवं फेसबुक पेज से….