जमुआ में कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन, बताया गया लोक अदालत का महत्व
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जमुआ में कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन, बताया गया लोक अदालत का महत्व

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लोगों को प्राधिकार के लक्ष्य व उद्देश्य की दी जानकारी

जमुआ(गिरिडीह)। जिला विधिक सेवा प्राधिकार व बैंक ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को जमुआ प्रखंड के ग्राम पंचायत पोबी प्रज्ञा केंद्र परिसर में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें पारा लीगल वोलेंटियर सुबोध कुमार साव व महेंद्र प्रसाद वर्मा  ने जिला विधिक सेवाएं प्राधिकार के लक्ष्य व उद्देश्य के बाबत ग्रामीणों को जानकारी दी।

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9 मार्च को होगी राष्ट्रीय लोक अदालत

मौके पर उन्होंने कहा कि आगामी 9 मार्च को व्यवहार न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जायेगा। राष्ट्रीय लोक अदालत के पूर्व दो मार्च से आठ मार्च तक ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले समझौता बैठक में अपने वादों का निष्पादन हेतु आवदेन समर्पित कर सकते हैं। ताकि आपराधिक वनवाद, उत्पाद सहित, चेक डिसऑर्डर, बैंक रिकवरी, वाहन दुर्घटना दावा संबंधित, वैवाहिक पारिवारिक विवाद, श्रम विभाग से संबंधित, भूअर्जन, बिजली बिल, पानी बिल, राजस्व, दीवानी व अन्य सुलह योग्य मामलोें का त्वरित निष्पादन राष्ट्रीय लोक अदालत में किया जा सकें।

लोक अदालत के माध्यम से बैंक ऋण से बरी हो सकते हैं लोग

मौके पर बैंक ऑफ इंडिया जमुआ शाखा बीसी वीएलई ने बैंकिंग सेवाओं की जानकारी देते हुए कहा कि निर्धारित मापदंड के तहत बैंक द्वारा स्वरोजगार के उद्देश्य से ग्रामीणों को आवश्यकतानुसार एकल व समूह में विभिन्न प्रकार के ऋण प्रदान किये जाते हैं, जिसका भुगतान करना भी आवश्यक है। कहा कि अगर डिफॉल्टर है तो नौ मार्च को राष्ट्रीय लोक अदालत में समझौता कर ऋण से बरी होने का बेहतर अवसर है।

मौके पर पंचायत समिति सदस्य सीतिया देवी, समाजसेवी रविन्द्र कुमार सिंह, विवेकानंद प्रसाद, आंगनबाड़ी सेविका पुष्पा देवी, सचिन उपाध्याय, रेखा देवी, मीणा देवी, पिंकी देवी, गायत्री देवी, हसीना खातून, गुरुचरण राणा, चंचला देवी, उर्मिला देवी आदि ग्रामीण मौजूद थे।

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