NEWSFLASH
• सीधी नज़र न्यूज़ में आप सभी का स्वागत है •
गिरिडीह की साहित्यिक बिरादरी ने नामवर सिंह को किया नमन, दी श्रद्धांजलि
गिरिडीह की साहित्यिक बिरादरी ने नामवर सिंह को किया नमन, दी श्रद्धांजलि

वक्ताओं ने कहा – नामवर की परंपरा हमेशा रहेगी कायम गिरिडीह। गिरिडीह की साहित्यिक बिरादरी के लोगों ने दिवंगत साहित्यकार नामवर सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। स्थानीय पशुपालन विभाग के सभागार में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में गिरिडीह की विभिन्न साहित्यिक संस्थाओं के सदस्यों ने भाग लिया। श्रद्धांजलि सभा का संचालन रितेश सराक ने और धन्यवाद ज्ञापन शंकर पांडेय ने किया। इसे भी पढ़ें-प्रशिक्षण के नाम पर खानापूर्ति करता है समाज कल्याण विभाग, ICDS कर्मियों का आरोप कृष्णा सोबती व अर्चना वर्मा को भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सबसे पहले उपस्थित लोगों…

Read More

गिरिडीह : 24 को होगा एक दिवसीय शास्त्रीय संगीत समारोह
गिरिडीह : 24 को होगा एक दिवसीय शास्त्रीय संगीत समारोह

गिरिडीह। गुरू बीरेन्द्र नारायण सिंह की स्मृति में आगामी 24 फरवरी को स्थानीय विजय इन्स्च्यूट में एक दिवसीय शास्त्रीय संगीत समारोह का आयोजन किया जाएगा। संगीत विद्या मंदिर के तत्वावधान में आयोजित इस समारोह में कई राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कलाकार भाग लेंगे। समारोह का उदघाटन अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त  संगीतज्ञ पंडित शंभू दयाल केडिया द्वारा किया जाएगा। इसे भी पढ़ें-गिरिडीह : एसीबी धनबाद की टीम पहुंची सदर अस्पताल मूर्धन्य कलाकारों का होगा जुटान एक दिवसीय समारोह में कई मूर्धन्य कलाकारों का जुटान होगा। मिली जानकारी के अनुसार पंडित सुप्रीयो…

Read More

जवानों की शहादत पर भारत के पुरुषार्थ को ललकारती साक्षी की वाणी
जवानों की शहादत पर भारत के पुरुषार्थ को ललकारती साक्षी की वाणी

हे भारत        साक्षी कुमारी हे भारत त्रिनेत्र खोलो। मौन हो क्यों कुछ तो बोलो।। रक्त की बहती है सरिता, रामायण छोड़ो, आरंभ करो गीता, तुम राम भी, मर्यादा का अनुपम रूप तुम शिव भी, रूद्र का भयंकर स्वरूप तुम शारदा भी ज्ञान देते हो, तुम कालिका भी, तलवार अपनी तान देते हो तुम वो कृष्ण हो जो मधुर वंशी बजाते हो तुम वो विष्णु भी जो अर्जुन को धर्म का उपदेश सुनाते हो कोई शायद तुम्हारी सुनता नहीं है पर जब अस्त्र तुम्हारे कहने लगे तो सारे…

Read More

जादोपटिया और सोहराई कला से सजने लगी हैं गिरिडीह की दीवारें
जादोपटिया और सोहराई कला से सजने लगी हैं गिरिडीह की दीवारें

चित्रकार फिरोज ने शहर की दीवारों को बनाया पेंटिंग कैनवास रितेश सराक गिरिडीह। गिरिडीह शहर की दीवारों को सुंदर चित्रकारी से सजाया जा रहा है। शहर के मुख्य मार्गों से लगी दीवारों पर झारखंड की लोक चित्रकारी कला को उकेरा जा रहा है। झारखंड की प्रसिद्ध आदिवासी कला जादोपटिया, सोहराई और कोहबर को गिरिडीह के स्थानीय चित्रकार खूबसूरती से उकेर रहे हैं। जिला प्रशासन ने शुरू की पहल गौरतलब है कि झारखंड हजारीबाग समेत कई जिलों के मुख्य भवनों और पहुंच मार्गों से लगी दीवारों को राज्य की लोक चित्रकारी…

Read More

पुलवामा के शहीद जवानों को शब्दांजलि दे रहे हैं आबिद अंजुम
पुलवामा के शहीद जवानों को शब्दांजलि दे रहे हैं आबिद अंजुम

नमन वतन के जां निसारों को         आबिद अंजुम   नमन है वीर शहीदों को वतन के जां निसारों को करेंगे नाकाम हम मिलकर दुश्मन के नापाक इरादों को। न्योछावर जान को कर दी वतन की शान की खातिर, चलो कुछ करते हैं हम भी उनकी शान की खातिर। बहा जो खून है उनका वो समझो कर्ज है हम पर, रखी है शान मुल्क की अपने प्राण को देकर। जरा उन माओं को देखो जिनका लाल खोया है, धुली है मांग बहनों की छीना मासूमों का साया…

Read More

Posted in झारखंड, साहित्य Comments Off on पुलवामा के शहीद जवानों को शब्दांजलि दे रहे हैं आबिद अंजुम
गिरिडीह : भव्य रंगयात्रा में दिखी देश के विभिन्न राज्यों की लोक संस्कृति
शहर में निकली भव्य रंगयात्रा, देश के विभिन्न राज्यों की दिखी लोक संस्कृति

शहर की सड़कों पर छउ नृत्य के कलाकारों ने बांधा समां गिरिडीह। कला संगम द्वारा आयोजित तीन दिवसीय 19वां अखिल भारतीय नाटक, लोकनृत्य और शास्त्रीय नृत्य प्रतियोगिता के दुसरे दिन शुक्रवार को गिरिडीह की सड़कों पर रंगयात्रा निकाली गई। इस रंगयात्रा में देश के विभिन्न हिस्सों से आये कलाकारों की टीम ने  अपनी क्षेत्रीय वेशभूषा में लोकनृत्य व नुक्कड़ नाटक के माध्यम से अपने क्षेत्र की लोक संस्कृति की प्रस्तुति की। बारिश के बाद भी कलाकारों में दिखा उत्साह इस रंग यात्रा के दौरान मौसम के बदले मिजाज ने रंगकर्मियों…

Read More

19वां अखिल भारतीय नाटक, लोकनृत्य व शास्त्रीय नृत्य प्रतियोगिता शुरू
19वां अखिल भारतीय नाटक, लोकनृत्य व शास्त्रीय नृत्य प्रतियोगिता शुरू

देश के विभिन्न हिस्सों से आये कलाकार प्रस्तुत करेंगे भारतीय कला संस्कृति की छंटा गिरिडीह। गिरिडीह की नाट्य संस्था कला संगम के तीन दिवसीय 19वां अखिल भारतीय नाटक, लोकनृत्य व शास्त्रीय नृत्य प्रतियोगिता की शुरुआत गुरुवार को शहर के मोती सिनेमा हाॅल में हुई। प्रतियोगिता का उद्घाटन मेयर सुनील पासवान, डिप्टी मेयर प्रकाश सेठ, संस्था के संरक्षक राजेन्द्र बगेड़िया, अधिवक्ता विनय बक्सी, रंगकर्मी अशोक मानव, वरिष्ठ पत्रकार सुरेन्द्र सिन्हा ने संयुक्त रुप से द्वीप जलाकर किया। प्रतियोगिता की शुरूआत कला संगम की नन्हीं प्रतिभागियों ने गणेश वंदना पर सामूहिक कत्थक…

Read More

गिरिडीह में दिखेगी रंगकर्म व लोकनृत्य की सतरंगी छटा, 7 से नाट्य प्रतियोगिता
गिरिडीह में दिखेगी रंगकर्म व लोकनृत्य की सतरंगी छटा, 7 से नाट्य प्रतियोगिता

12 राज्यों की 20 टीम के 400 कलाकार होंगे प्रतियोगिता में शामिलः राजेन्द्र बगेड़िया गिरिडीहः अलग-अलग राज्यों की संस्कृति और वेशभूषा का संगम एक बार फिर गुरुवार से तीन दिनों तक गिरिडीह शहर में देखने को मिलेगा। नाट्य संस्था कला संगम की तीन दिवसीय 19वीं अखिल भारतीय बहुभाषी नाटक, लोकनृत्य और शास्त्रीय नृत्य प्रतियोगिता की तैयारी पूरी हो चुकी है। शहर के मोती सिनेमा हाॅल में होने वाली तीन दिवसीय प्रतियोगिता की तैयारी को लेकर मंगलवार को मकतपुर स्थित जालान धर्मशाला में प्रेसवार्ता के दौरान संस्था के प्रकाश सहाय, राजेन्द्र…

Read More

श्रद्धांजलि: लेखिका भावना वर्मा का आकस्मिक निधन, साहित्य जगत में शोक की लहर
श्रद्धांजलि: लेखिका भावना वर्मा का आकस्मिक निधन, साहित्य जगत में शोक की लहर

बोकारो के हर साहित्यिक कार्यक्रम की सुरीली आवाज थीं भावना वर्मा गिरिडीह। बोकारो निवासी लेखिका और अप्रतिम प्रकाशन की निदेशक भावना वर्मा जी का सोमवार रात रांची में निधन हो गया। उनके आकस्मिक निधन से बोकारो सहित राज्य के साहित्य जगत और उनके चाहनेवालों में शोक की लहर दौड़ गई। किसी को भी इस दुखद समाचार पर विश्वास ही नहीं हो रहा है। आखिर हो भी कैसे, सिर्फ 50 की उम्र थी भावना जी की। लेकिन नियति ने उन्हें अपनों से जुदा कर दिया। भावना जी के पति अतनु वर्मा…

Read More

Posted in झारखंड, साहित्य Comments Off on श्रद्धांजलि: लेखिका भावना वर्मा का आकस्मिक निधन, साहित्य जगत में शोक की लहर
अब हिन्दी में स्टीफन स्वाइग की कालजयी कृतियां, लेखक ओमा शर्मा ने किया है अनुवाद
अब हिन्दी में स्टीफन स्वाइग की कालजयी कृतियां, लेखक ओमा शर्मा ने किया है अनुवाद

सीधी नज़र डेस्क : अच्छी साहित्यिक कृतियों का अनुवाद अपने आप में कितना बड़ा काम हो सकता है। इसका अंदाज़ आप इस बात से लगा सकते हैं कि यूरोप में पुनर्जागरण के पीछे विश्व की अनेक भाषाओं की किताबों के अंग्रेजी में हुए अनुवादों की एक बड़ी भूमिका थी।  एक अच्छा अनुवाद भूगोल की सीमाओं से ऊपर उठकर मानवीय संवेदना को अपनी जमीन से इस तरह जोड़ सकता है कि हम अपने जगह खड़े अपना विस्तार क्षितिज तक होता देख सकते हैं। अनुवादक भी गहरे अर्थ में एक कृति का…

Read More

Posted in साहित्य Comments Off on अब हिन्दी में स्टीफन स्वाइग की कालजयी कृतियां, लेखक ओमा शर्मा ने किया है अनुवाद